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रक्षाबंधन पर घर जाने वाले थे दो बहनों के एकलौते भाई कैप्टन दीपक, देश की रक्षा करते हुए स्वतंत्रता दिवस से पहले हुए शहीद

JK : जम्मू-कश्मीर के डोडा में जवानों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें उत्तराखंड के जवान दीपक सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए थे। इस मुठभेड़ में चार आतंकियों के भी मारे जाने की सूचना है।

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जम्मू-कश्मीर के डोडा में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद कैप्टन दीपक सिंह को श्रद्धांजलि दी। इसमें जनरल कमांडिंग ऑफिसर नवीन सचदेवा, नागरिक प्रशासन से डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार और एडीजीपी आनंद जैन समेत व्हाइट नाइट कोर के कई अफसर शामिल हुए। बुधवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा में जवानों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें उत्तराखंड के जवान दीपक सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए थे। इस मुठभेड़ में चार आतंकियों के भी मारे जाने की सूचना है। जम्मू-कश्मीर में इनपुट के आधार पर सेना की ओर से सर्च अभियान का सिलसिला जारी है। इसके अंतर्गत अब तक कई आतंकियों को मारा जा चुका है।

इसी मुठभेड़ में जवान दीपक सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए। दीपक सिंह मूलत: देहरादून के रहने वाले थे। देश की सेवा करने की खातिर वे 2020 में सेना में शामिल हुए थे। दीपक सिंह 48वीं राष्ट्रीय राइफ्लस के सदस्य थे। उनका परिवार वर्तमान में अल्मोड़ा में रहता है। दीपक सिंह के बलिदान पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “उत्तराखंड के बहादुर बेटे दीपक सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।”

अविवाहित थे कैप्टन सिंह

कैप्टन सिंह अविवाहित थे। उनके परिवार में माता-पिता और दो विवाहित बहनें हैं। दीपक रक्षा बंधन के मौके पर अपनी बहन के घर पर जाने वाले थे। डोडा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद होने पर व्हाइट नाइट कोर ने कहा, “हम दीपक सिंह के बलिदान को सम्मान करते हैं। जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हम उनके बलिदान को सम्मान करते हैं।”