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एक्शन में सीबीआई, डिजिटल अरेस्ट घोटाले के मामलों में 16 राज्यों में 80 से ज़्यादा जगहों पर की छापेमारी

CBI Raids: सीबीआई ने 16 राज्यों में 80 से ज़्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

Jun 25, 2026

CBI

सीबीआई ने की छापेमारी (File Photo)

डिजिटल अरेस्ट घोटाले (Digital Arrest Scams) को बढ़ावा देने वाले साइबरक्राइम नेटवर्क के खिलाफ सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन - CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने 'ऑपरेशन चक्र-VI' चलाते हुए 60 स्पेशल टीमें बनाईं और 16 राज्यों में 80 से ज़्यादा जगहों पर एक साथ छापेमारी की। सीबीआई ने पंजाब, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, कर्नाटक और ओडिशा में छापेमारी की।

एक्शन में सीबीआई

सीबीआई पूरी तरह से एक्शन में है। छापेमारी की यह कार्रवाई देश में डिजिटल अरेस्ट घोटाले के 200 से ज़्यादा मामलों में शामिल एक संगठित नेटवर्क को खत्म करने के लिए चल रही जांच का हिस्सा थी।

2 लोग गिरफ्तार

सीबीआई ने 'ऑपरेशन चक्र-VI' के तहत चेन्नई और कोलकाता से 2 लोगों को गिरफ़्तार किया। दोनों पर शेल कंपनियाँ बनाने और फर्जी बैंक अकाउंट खोलने और चलाने में शामिल होने का आरोप है। बताया जा रहा है कि इन बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट घोटाले से जुड़ी लगभग 2 करोड़ रूपए की मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया था।

लोगों को फंसाने के लिए बनाई फर्जी वेबसाइट

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने हाल ही में एक फर्जी वेबसाइट का पता लगाया है, जिसका यूआरएल सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट जैसा ही दिखता था। यह वेबसाइट लोगों को फंसाने के लिए बनाई गई थी और इसके नकली डोमेन का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों ने पीड़ितों को अपने जाल में फंसाया। आरोपी डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर इस वेबसाइट के ज़रिए कानूनी अधिकार का झूठा दिखावा करते थे, जिससे पीड़ितों के मन में डर बैठ जाता था।

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से मिली शिकायत के बाद दर्ज हुई एफआईआर

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू की। एडवांस्ड फोरेंसिक टूल्स और तकनीकी विश्लेषण का इस्तेमाल करके साइबरक्रिमिनल इंफ्रास्ट्रक्चर के मुख्य हिस्सों की पहचान की गई, जो भारत और विदेश दोनों जगहों से चल रहा था। जांच में पता चला कि आरोपी अपनी धोखाधड़ी वाली गतिविधियों को सही दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज़ अपलोड कर रहे थे। इनमें नकली कोर्ट ऑर्डर और कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ों जैसे दिखने वाले कागज़ात शामिल थे। छापेमारी के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फ़ोन और बैंक ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड समेत अन्य कई चीज़ों को जब्त कर लिया गया है और अभी इनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।

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