
भारत सरकार (Indian Government) ने आज एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। देश में हेल्थकेयर को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने यह फैसला लिया है। सरकार ने स्पेशल मेडिकल उद्देश्य के तहत पर्सनल इस्तेमाल के लिए दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए बाहर से इम्पोर्ट की जाने वाली दवाईयों (ड्रग, फ़ूड, इंजेक्शन) पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी पर पूरी तरह से छूट देने का फैसला लिया है। इसमें दुर्लभ बीमारियों के लिए बनाई गई नेशनल पॉलिसी 2021 (National Policy For Rare Diseases 2021) के तहत आने वाली सभी दुर्लभ बीमारियाँ शामिल हैं। सरकार ने इस फैसले के लिए एक जनरल नॉटिफिकेशन भी जारी किया है।
कस्टम ड्यूटी में छूट पाने के लिए करना होगा यह काम
पर्सनल इस्तेमाल के लिए दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए बाहर से इम्पोर्ट की जाने वाली दवाईयों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी से छूट पाने के लिए इम्पोर्टर को एक काम करना होगा। इम्पोर्टर को केंद्रीय या राज्य स्वास्थ्य सेवा निदेशक, जिला चिकित्सा अधिकारी या जिले के सिविल सर्जन से इसके लिए एक सर्टिफिकेट लेना होगा।
लोगों की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए लिया गया फैसला
केंद्र सरकार पहले से ही स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी या ड्यूकेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली खास दवाईयों के इम्पोर्ट पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी पर छूट देती है। पर लोगों की तरफ से दूसरी दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाईयों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी पर भी छूट की मांग कर रहे थे।
लोगों का दूसरी दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाईयों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी पर भी छूट मांगने की वजह है इन दुर्लभ दवाईयों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाईयों का काफी महंगा होना। इस वजह से इन्हें इम्पोर्ट करना पड़ता है। ऐसे में इन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी से राहत मिलने पर इन दवाईयों पर लगने वाला खर्चा भी कम हो जाएगा, जिससे लोगों को सुविधा मिलेगी। लोगों की इसी ज़रूरत और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।
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Published on:
30 Mar 2023 11:47 am
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