
असम के डिफू लोकसभा क्षेत्र से भाजपा ने अमरसीन टीसो को अपना प्रत्याशी बनाया है। टीसो के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चीन को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसकी चर्चा चारों ओर हो रही है। दरअसल, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कार्बी आंगलोंग जिले के डिफू शहर में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के बयान पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भूपेन बोरा खुद चिंतित हैं, आप लोगों को कांग्रेस के किसी भी व्यक्ति पर भरोसा नहीं करना चाहिए। कांग्रेस के नेता तो खुद बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।
मैं भारत सरकार से गुजारिश करता हूं 60 जगहों के नाम बदल दें
उनसे मीडिया ने सवाल किया कि ड्रैगन (चीन) ने भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश में 30 स्थानों के नाम बदल दिए। इस पर हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह चीन पर जैसे को तैसा की नीति अपनाए और तिब्बत में भी 60 जगहों के नाम बदल दे।
उन्होंने कहा कि हालांकि यह केंद्र सरकार का फैसला है कि वह इस पर क्या करती है। लेकिन, मैं भी फिर भी भारत सरकार से गुजारिश करता हूं कि अगर वह तीस नाम बदले तो हम 60 जगहों के नाम बदल दें।
असम के जनजातीय क्षेत्र लंबे समय से उग्रवाद से पीड़ित थे
उन्होंने इसके साथ ही आगे कहा कि असम के जनजातीय क्षेत्र लंबे समय से उग्रवाद से पीड़ित थे, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी का एकमात्र ध्यान हमारे आदिवासी क्षेत्रों को विकसित करने पर है, ऐसे में हमने सभी समूहों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं और असम के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की लहर चल रही है। यही वजह है कि पिछले 10 वर्ष में असम के आदिवासी क्षेत्रों में उग्रवादी गतिविधियों पर पूरी तरह से विराम लग गया है।
उन्होंने आगे कहा कि डिफू लोकसभा क्षेत्र में हमारी ट्रिपल इंजन सरकार लगभग बीस हजार करोड़ की विकास योजना लागू कर रही है। आज असम के इन दूरवर्ती पहाड़ी इलाकों में विकास की यह रफ्तार सिर्फ पीएम मोदी की वजह से संभव हो पा रही है।
Updated on:
02 Apr 2024 08:11 pm
Published on:
02 Apr 2024 08:09 pm
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