
Central govt says, decision to impose GST on curd, lassi was taken with the consent of the state governments
केंद्र सरकार द्वारा दही, पनीर, लस्सी, चावल, आटा, और ब्रेड जैसे वस्तुओं पर पर 5% की GST लगाए जाने का विरोध देश में जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया है कि ये दरें खुद सरकार ने तय नहीं की हैं बल्कि राज्य सरकारों की सहमति के बाद ये फैसला लिया गया था। उन्होंने बताया कि विभिन्न वस्तुओं पर लगाई गई GST का फैसला अकेले सरकार का नहीं है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आज राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान ये जानकारी दी।
आम सहमति से लाई गई नई दरें
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, 'विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों के समूह (GoM) की सहमति के बाद फैसला लिया गया था। GoM में कर्नाटक, बिहार, केरल, गोवा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के मंत्री शामिल थे।'
दरअसल, बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने सवाल किया था कि दूधम दही जैसी सामग्रियों पर जो GST की दरें लगाई गई हैं क्या उसमें विपक्षी दलों द्वारा शासित दिल्ली, केरल, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के मंत्री शामिल थे? उन्होंने ये भी सवाल किया था कि क्या किसी भी राज्य के मंत्री ने इसपर विरोध दर्ज कराया था या असहमति जताई थी?
नई जीएसटी दरों में विपक्ष की भी सहमति?
इसी सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकारों की सहमति के बाद भी हाल में दूध, दही, लस्सी जैसी सामग्रियों प? GST GST की दरें तय की गई थीं। स्पष्ट हो कि जो नई दरें लगाई गई हैं उसमें गैर-बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों की भी सहमति रही है। ऐसे में अब खुद विपक्ष भी इस मामले पर कठघरे में या गया है।
क्या है मामला?
बता दें कि जीएसटी काउंसिल की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने दूध, दही, लस्सी, गुड़, पनीर, चावल और आटा समेत कई सामग्रियों पर 5% जीएसटी लगाऊ थी। इसका विरोध विपक्षी दलों द्वारा किया जा रहा है। वहीं, आम जनता में भी इसको लेकर नाराजगी है। हाल ही में दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल ने केंद्र सरकार से बढ़े हुए जीएसटी को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने महंगाई के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
Updated on:
26 Jul 2022 05:32 pm
Published on:
26 Jul 2022 05:31 pm
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