चंद्रबाबू से पहले कई क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने ऐसा किया है। इनमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एस के स्टालिन, तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का नाम शामिल है। इन सभी नेताओं ने अपनी कैबिनेट में अपने बेटों को मंत्री बनाया। लेकिन इससे उलट बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम मुलायम पर परिवारवाद को लेकर लगातार आरोप लगाए जाते रहे लेकिन इन दोनों ही नेताओं ने अपने मुख्यमंत्री पद पर बने रहने तक कभी भी अपने बेटों को मंत्री नहीं बनाया या सरकार में कोई पद नहीं दिया।