इलको लेकर रायगढ़ से नवनिर्वाचित सांसद सुनील तटकरे ने कहा, ''हमने कल पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक की है। बैठक के दौरान हमने उनका पक्ष सुना। अभी इस मामले को लेकर एक बैठक और की जाएगी। उसके बाद ही हम किसी नतीजे पर पहुंच पाएंगे।'' एनसीपी का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले सप्ताह पार्टी विधायकों ने अजित पवार के साथ बैठक में कहा था कि पार्टी को उस्मानाबाद, बारामती और शिरूर में भारी हार का सामना करना पड़ा। वहां के सारे मुस्लिम मतदाताओं ने महा विकास अघाड़ी उम्मीदवारों के पक्ष में ही मतदान किया था। उन्होंने आगे बताया कि संविधान में बदलाव के बाद आरक्षण खत्म होने के डर से मुस्लिम, दलित और आदिवासियों ने महायुति के उम्मीदवारों के खिलाफ मतदान किया, जिससे महायुति को नुकसान हुआ।