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Char Dham Yatra 2021: सीएम पुष्कर सिंह धामी का ऐलान, कल से इन नियमों के साथ शुरू होगी चार धाम यात्रा

Char Dham Yatra 2021 उत्तराखंड हाईकोर्ट से रोक हटने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया चार धाम यात्रा शुरू करने का ऐलान, हर धाम के लिए तय है रोजाना दर्शन करने वालों की संख्या
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Dheeraj Sharma

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Updated: 17 Sep 2021, 1:28 PM IST

Char Dham Yatra 2021

Char Dham Yatra 2021

नई दिल्ली। उत्तराखंड ( Uttrakhand ) में लंबे समय से बंद चारधाम यात्रा ( Chardham Yatra 2021 ) पर लगी हाई कोर्ट की रोक हटने के एक दिन बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ( Pushkar Singh Dhami ) ने चार धामा यात्रा को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है।

चार धाम यात्रा कल यानी 18 सितंबर से शुरू होने जा रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा है कि चारधाम यात्रा शनिवार से शुरू होगी। दरअसल यात्रा में पड़ने वाले जिलों में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और कोविड महामारी की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए उच्च न्यायालय ने 28 जून को चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी थी, जिसे अब हटा दिया गया है। इस दौरान कोविड नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

यह भी पढ़ेंः Char Dham Yatra 2021: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हटाई 28 जून को लगाई रोक

चार धाम में इतने यात्रियों को मंजूरी
इससे पहले गुरुवार को हुई अहम सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कुछ प्रतिबंधों के साथ चार धाम यात्रा की इजाजत दे दी थी। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने चारों धाम के लिए अलग-अलग भक्तों की संख्या निर्धानित की है। इसके तहत...
- 1200 भक्त बद्रीनाथ में रोजाना दर्शन कर सकेंगे।
-800 यात्री केदारनाथ में एक दिन में दर्शन कर सकेंगे
- 600 यात्री या श्रद्धालु गंगोत्री में दर्शन कर पाएंगे
-400 भक्त यमुनोत्री में एक दिन में दर्शन कर सकेंगे

कोविड निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य
इसके अलावा हर भक्त को कोविड नेगेटिव रिपोर्ट और दो वैक्सीन का सर्टिफिकेट ले जाने अनिवार्य होगा।

कुंड में नहाने की अनुमति नहीं
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान जरूरत के मुताबिक पुलिस फोर्स लगाने को कहा है। यही नहीं किसी भी कुंड में श्रद्धालुओं को नहाने की अनुमति भी नहीं दी गई है। इसकी वजह से कोरोना को बताया गया है। दरअसल कुंभ के वक्त गंगा में स्नान को लेकर कई सवाल उठे थे। शायद यही वजह है कि इस बार कुंड में किसी को भी नहाने की मंजूरी नहीं दी गई है।

मेडिकल व्यवस्था सुनिश्चित
अदालत के निर्देश के मुताबिक चारों धामों में मेडिकल की पूरी सुविधा होना अनिवार्य है। मेडिकल स्टाफ, नर्सें, डॉक्टर, ऑक्सीजन बेड और वेंटिलेटर की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

यात्रा के दौरान सरकार मेडिकल हेल्पलाइन जारी करे, जिससे कि अस्वस्थ लोगों को स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं का आसानी से पता चल सके। बदरीनाथ में पांच, केदारनाथ में तीन चेक पोस्ट बनाने के निर्देश दिए गए।

केस बढ़ने पर स्थगित हो सकती है यात्रा
यही नहीं कोर्ट ने अपने निर्देश में ये साफ किया है कि भविष्य में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली तो उत्तराखंड सरकार यात्रा को स्थगित कर सकती है।

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लागू रहेगा एंटी स्पीटिंग एक्ट
चार धाम यात्रा के दौरान एंटी स्पीटिंग एक्ट पूरी तरह लागू रहेगा। इसके तहत तीन जिलों के विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए हैं कि वो यात्रा की निगरानी करें और उसकी रिपोर्ट हर हफ्ते कोर्ट में जमा कराएं।