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17 साल की उभरती फुटबॉल खिलाड़ी प्रिया के लिए देश भर में मांगा जा रहा इंसाफ, डॉक्टरों की लापरवाही में पहले पैर गया फिर जान

चेन्नई में सरकारी डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से एक उभरती फुटबाल खिलाड़ी की मौत हो गई। उसकी उम्र सिर्फ 17 साल थी। जब यह सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो लोग भड़क उठे। लोगों ने जमकर सरकार की चिकित्सीय व्यवस्था की आलोचना की।

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सरकारी डॉक्टरों की लापरवाही से 17 साल की उभरती फुटबाल खिलाड़ी की मौत, सोशल मीडिया पर भड़के लोग

डाक्टरों की लापरवाही ने एक उभरती फुटबाल खिलाड़ी के जीवन का अंत कर दिया। बस उसका कसूर इतना था कि, उसके घुटने का लिगामेंट फट गया था और इलाज के लिए पेरियार नगर पेरिफेरल अस्पताल चेन्नई में भर्ती हो गई। 7 नवंबर को डाक्टरों ने घुटने की सर्जरी कर दी। पैर ठीक होने की जगह सूजने लगा। हालात बिगड़ता देख सरकारी अस्पताल के डाक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। फुटबाल खिलाड़ी को राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल में शिफ्ट किया गया। जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने उसके दाहिने पैर को काटने का फैसला किया। पर कुछ फक्र नहीं पड़ा। मंगलवार सुबह 7.15 बजकर पर मल्टी ऑर्गेन फेल होने के बाद नई उभरती फुटबाल खिलाड़ी आर प्रिया की डाक्टरों की लापरवाही की वजह से मौत हो गई। उस की उम्र सिर्फ 17 साल थी। इस सूचना के बाद उसकी मौत की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। सोशल मीडिया पर #JusticeForPriya हैशटैग वायरल हो गया। लोगों ने सरकारी डाक्टरों और सरकारी चिकित्सीय कुप्रबंधन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।

आर प्रिया स्टेट वेल (17 वर्ष) की फुटबॉल खिलाड़ी थी और चेन्नई के क्वीन मैरी कॉलेज से फिजिकल एजुकेशन बीएससी की डिग्री हासिल कर रही थी। चेन्नई के डीसीपी अल्बर्ट जॉन ने आश्वासन दिया कि, डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी डाक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी।

आर प्रिया की मौत की सूचना के बाद साथी फुटबॉलरों और जनता ने राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल के मुर्दाघर के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना जब सरकार तक पहुंची तो तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमण्यम ने दो डॉक्टरों को चिकित्सकीय लापरवाही आरोप में निलंबित कर दिया।

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री एमए सुब्रमण्यम ने कहा कि, फुटबॉलर को आरजीजीजीएच की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनके कई अंग खराब हो गए और मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग दोनों डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएगा और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमण्यम ने आर. प्रिया के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की और कहा कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। कहा, उनके नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ट्विटर की एक यूजर मोनिका कैलाश ने कहाकि, आर प्रिया का फुटबॉलर बनने का सपना था। आरजीजीजी सरकारी अस्पताल के डाक्टरों ने उसका पैर और सपना दोनों ही काट डाला।

ट्विटर की एक और यूजर दीपिका नायक ने प्रिया की मौत पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहाकि, अस्पताल की लापरवाही के कारण पैर कटने के बाद चेन्नई की युवा प्रिया फुटबॉलर की मौत हो गई! इस कठिन समय में हम उनके परिवार के साथ हैं।