
Chhath Puja 2021
Chhath Puja 2021: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पर्व मनाया जाता है। इस साल यह तिथि आज, 10 नवंबर, बुधवार को देशभर में मनाया जा रहा है। छठ व्रत मुख्य रूप से संतान सुख की प्राप्ति और परिवार की सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं को अनुसार, छठ व्रत खास तौर पर संतान प्राप्ति और उसकी खुशहाली के लिए रखा जाता है। जो लोग संतान सुख से वंचित हैं, उनके लिए यह व्रत लाभकारी साबित होता है। मान्यता है कि छठ पूजा करने से छठी मइया की कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सूर्य देव के इन 12 नामों का करें जाप:—
ज्योतिष के अनुसार छठ पर्व के तीसरे दिन सूर्यास्त के समय अर्घ्य देने के बाद सूर्य देव के 12 नामों का जाप करने से जातकों की किस्मत चमक जाती है।
1. सूर्य,
2. रवि,
3. आदित्य,
4. दिनकर,
5. रश्मिमते,
6. सप्तरथी,
7. सविता,
8. भुवनेश्वर,
9. भानु,
10. दिवाकर,
11. आदिदेव और
12. प्रभाकर आदि।
यह भी पढ़ें:— Happy Chhath Puja 2021 : छठ महापर्व पर करीबियों को दें बधाई और शुभकामनाएं
छठ पूजा संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य समय:—
बिहार में बुधवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य का समय शाम 4:30 से 5:26 बजे तक है।
वहीं, सूर्यास्त शाम 5 बजकर 3 मिनट पर होगा। सूर्यास्त होते ही व्रती लोग सूर्य को अर्घ्य देना शुरू करेंगे। गुरुवार सुबह उदयगामी सूर्य को अर्घ्य का समय 6:34 बजे है।
अर्घ्य देते समय इस मंत्र का उच्चारण करें:—
ऊं एहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पया मां भवत्या गृहाणार्ध्य नमोअस्तुते॥
छठ पूजा के लिए इन चीजों की पड़ती है जरूरत:—
— प्रसाद रखने के लिए बांस की दो तीन बड़ी टोकरी
— बांस या पीतल के बने तीन सूप
— लोटा
— थाली
— दूध और जल के लिए ग्लास
— नए वस्त्र साड़ी-कुर्ता पजामा
— चावल
— लाल सिंदूर
— धूप और बड़ा दीपक
— पानी वाला नारियल
— गन्ना जिसमें पत्ता लगा हो
— सुथनी और शकरकंदी
— हल्दी और अदरक का पौधा हरा हो तो अच्छा
— नाशपाती और बड़ा वाला मीठा नींबू
— शहद की डिब्बी—
— पान और साबुत सुपारी
— कैराव
— कपूर
— कुमकुम
— चन्दन
— मिठाई
Published on:
10 Nov 2021 08:41 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
