
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ पर भारत ने दिया जवाब (सोर्स: Hira Waheed एक्स स्क्रीनशॉट)
India-China Border Tentation Update: अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ और पीएलए के कैंप बनाने के दावों ने सोमवार को काफी चर्चा बटोरी। कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी कि PLA ने भारतीय सीमा के अंदर अतिक्रमण कर अपने ठिकाने बना लिए हैं। अब इन दावों पर भारतीय सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ कर दी है। सेना ने कहा है कि इस तरह की सभी रिपोर्टें पूरी तरह गलत, भ्रामक और बिना किसी आधार की हैं।
भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा कि हाल में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के अतिक्रमण और कैंप बनाने का दावा किया गया था। सेना के मुताबिक इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब अरुणाचल प्रदेश के ताक्सिंग क्षेत्र के एक स्थानीय संगठन 'नाह वेलफेयर सोसाइटी' ने आरोप लगाया कि चीनी पीएलए ने भारतीय सीमा के भीतर सड़कें, पुल और सैन्य ढांचे तैयार किए हैं। संगठन का कहना था कि इससे स्थानीय लोगों की चरागाह, शिकार और पुश्तैनी जमीन प्रभावित हुई है। संगठन ने अपने दावों के समर्थन में कुछ तस्वीरें भी प्रशासन को सौंपीं और स्वतंत्र जांच की मांग की।
हालांकि, भारतीय सेना ने अब इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। सेना का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी अतिक्रमण और कैंप बनाए जाने की खबरें तथ्यहीन हैं। फिलहाल सेना के स्पष्टीकरण के बाद इन दावों पर विराम लग गया है।
चीन की विदेश और रक्षा नीति को लेकर एक नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अब पहले जैसा नहीं रहा। पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन जिस शांतिपूर्ण विकास की बात करते थे, अब उसकी जगह सैन्य ताकत और परमाणु क्षमता पर जोरदिया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन की रणनीति पूरी तरह बदलती दिखाई दे रही है।
रिपोर्ट में दलाई लामा के भतीजे खेदरूब थोंडुप के लेख का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जियांग जेमिन ने 1998 में वादा किया था कि चीन कभी किसी देश पर दबदबा बनाने की कोशिश नहीं करेगा। लेकिन मौजूदा हालात इस वादे से अलग नजर आते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने हाल के वर्षों में अपनी परमाणु क्षमता तेजी से बढ़ाई है। दावा किया गया है कि 2020 में जहां उसके पास करीब 200 ऑपरेशनल परमाणु हथियार थे, वहीं अब यह संख्या लगभग 600 हो गई है। 2030 तक इनके 1,000 से अधिक होने का अनुमान भी जताया गया है।
Published on:
29 Jun 2026 10:17 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
