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‘अपनी हदें पर मत करो, मिलिट्री एक्शन के लिए मजबूर मत करो’, ईरान ने बहरीन को दी खुलम खुला चेतावनी

Iran-Bahrain Tensions: ईरान ने बहरीन को खुली चेतावनी दी है। उसने कहा कि हमें सैन्य कार्रवाई के लिए मजबूर मत करो और अपनी हद में रहो।
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भारत

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Saurabh Mall

Jun 29, 2026

Iran Supreme Leader Mojtaba Khamenei

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (फोटो- IANS)

Iran Military Warning: मिडिल-ईस्ट में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। कभी अमेरिका-ईरान तो कभी इजरायल-ईरान भिड़ जा रहे हैं। उधर लेबनान समर्थक हिजबुल्लाह भी लगातार इजरायल को हमले की चेतावनी दे रहा है। इसी बीच अब ईरान ने बहरीन को सख्त लहजे में चेतावनी दी है।

ईरान ने साफ कहा है कि अगर उसे उकसाया गया तो वह पहले से ज्यादा ताकत के साथ जवाब देगा। हालांकि, इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें भी जारी हैं।

बहरीन को ईरान की दो टूक चेतावनी

ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलयाती ने बहरीन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि बहरीन अपनी सीमाएं समझे। ऐसा कोई कदम न उठाए जिससे ईरान को सख्त फैसला लेना पड़े।

तस्नीम न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का कहना है कि अगर उसे उकसाया गया तो वह और अधिक सैन्य ताकत का इस्तेमाल करेगा। इससे पहले ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाने का दावा भी किया था। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करता है।

वहीं बहरीन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उसने कहा कि उसकी संप्रभुता का उल्लंघन किया गया है। बहरीन का मानना है कि ऐसे हमलों से पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचता है। खाड़ी देशों ने भी ईरान के दावों से दूरी बनाई है।

सीजफायर की कोशिशों के बीच क्यों बढ़ा विवाद?

तनाव के बीच अमेरिका और ईरान ने कतर की राजधानी दोहा में बातचीत के जरिए सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनाई है। दोनों देशों ने फिलहाल हमले रोकने और बातचीत जारी रखने का फैसला किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर विवाद सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक मार्गों में शामिल है। पहले हुए समझौते की अलग-अलग व्याख्या के कारण दोनों पक्षों के बीच फिर से मतभेद बढ़ गए।

बताया गया है कि अमेरिका ने पहले ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके बाद दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ गया।

हालांकि अब दोनों पक्ष फिलहाल सैन्य गतिविधियां रोकने पर सहमत हैं। वार्ता जारी रखने की तैयारी भी चल रही है। लेकिन कुछ अहम मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है। इनमें ईरान की जमी हुई वित्तीय संपत्तियों तक पहुंच और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही से जुड़े नियम शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत सफल रहती है तो क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है। लेकिन यदि मतभेद बने रहे तो वेस्ट एशिया में हालात फिर से गंभीर हो सकते हैं। इसलिए पूरी दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।