
ताइवान-चीन टेंशन ( File Photo- ANI)
China Taiwan Conflict: दुनिया की निगाहें इन दिनों ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी हैं, लेकिन एशिया में एक और मोर्चा चिंता बढ़ा रहा है। ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान 7 चीनी सैन्य विमान, 8 चीनी नौसैनिक पोत और 5 आधिकारिक जहाज ताइवान के आसपास सक्रिय पाए गए। मंत्रालय ने बताया कि सभी 7 चीनी विमान ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश कर गए। ताइवान की सेना ने कहा कि उसने इन गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और स्थिति के अनुसार जवाबी कार्रवाई की।
मंत्रालय के मुताबिक, सुबह 6 बजे तक चीनी विमानों और जहाजों की मौजूदगी दर्ज की गई थी। ताइवान इसे घेराबंदी की तरह देख रहा है।
ताइवान की सेना ने कहा कि उसने इन गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और स्थिति के अनुसार जवाबी कार्रवाई की। मंत्रालय के मुताबिक, सुबह 6 बजे तक चीनी विमानों और जहाजों की मौजूदगी दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ताइवान के आसपास चीन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती है।
अब इस बीच अमेरिका ने भी ताइवान के मुद्दे पर अपनी सक्रियता दिखाई है। मई महीने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ ताइवान को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समाधान की दिशा में काम करेगा।
दरअसल, ताइवान को लेकर चीन और ताइवान के बीच दशकों पुराना विवाद है। चीन ताइवान को अपने देश का अभिन्न हिस्सा मानता है और "एक चीन" नीति के तहत उस पर अपना दावा जताता है। वहीं ताइवान की अपनी सरकार, सेना, अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक व्यवस्था है, जिसके कारण वह व्यवहारिक रूप से एक अलग प्रशासनिक इकाई के रूप में काम करता है।
चीन और ताइवान के बीच विवाद कोई नया नहीं है। चीन का कहना है कि ताइवान उसका हिस्सा है और वह इसे अपने देश में शामिल करना चाहता है।अगर इस क्षेत्र में बढ़ रहा ये तनाव सैन्य संघर्ष तक पहुंचता है, तो दुनिया के सामने एक और युद्ध में घिरने की आशंका पैदा हो जाएगी।
Updated on:
02 Jun 2026 02:28 pm
Published on:
02 Jun 2026 02:28 pm
