
कांग्रेस नेता व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेेक मनुु सिंंघवी ने हिमाचल उच्च न्यायालय में राज्य सभा चुनाव प्रक्रिया को चुनौती दी है। शनिवार को शिमला में उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के बाद पत्रकारों से बात करते अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 'ड्रा ऑफ़ लॉट्स' के जिस नियम के तहत वे चुनाव हारे हैं, वह गलत है, उसी को उन्होंने चुनौती दी है।
पर्ची से किसी एक के पक्ष में परिणाम घोषित करना गलत
सिंघवी ने कहा कि टाई होने के बाद पर्ची से किसी एक के पक्ष में परिणाम घोषित करना गलत है। उन्होंने कहा कि टाई की व्याख्या या धारण ही अवैध है, अत: इसके आधार पर जो परिणाम घोषित होगा, वह भी अवैध होगा। उन्होंने कहा कि कानूून में ऐसा कोई नियम नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की याचिका दायर करने के लिए याचक को खुद न्यायालय मेें आना पड़ता है, इसलिए वह याचिका दायर करने के लिए आए हैं।
6 कांग्रेस विधायकों ने की थी क्रॉस वोटिंग
हिमाचल में राज्यसभा चुनाव के दौरान छह कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिस वजह से बीजेपी और कांग्रेस दोनों उम्मीदवारों को 34-34 वोट मिले। इसके बाद ड्रा ऑफ लॉट्स के तहत टॉस हुआ और बीजेपी प्रत्याशी हर्ष महाजन ने बाजी मार ली। वहीं, क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस विधायकों पर पार्टी की तरफ से कार्रवाई करते हुए उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था। हिमाचल में राजनीति में इस दौरान काफी उथल-पुथल मच गई थी। इसके बाद बागी विधायकों ने बीजेपी का दामन दाम लिया था।
Updated on:
06 Apr 2024 04:29 pm
Published on:
06 Apr 2024 04:28 pm
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