
Rahul Gandhi
Transgender Amendment Bill: लोकसभा में ट्रांसजेंडर (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक- 2026 पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने NDA सरकार और पीएम मोदी पर हमला बोला। राहुल गांधी ने इस विधेयक का विरोध किया और इसे कानूनों का उल्लंघन बताया है। राहुल गांधी ने कहा कि यह विधेयक ट्रांसजेंडर समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और पहचान पर सीधा हमला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी।
लोकसभा में पेश किए गए ट्रांसजेंडर विधेयक पर राहुल गांधी ने आपत्ति जताई। उन्होंने X पर लिखा- मोदी के नेतृत्व वाली BJP सरकार का यह विधेयक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान को छीनने और उनके अधिकारों का उल्लंघन करने के लिए लाया गया है। राहुल गांधी ने आगे लिखा- यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन करते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों की आत्मनिर्णय की क्षमता को नकारता है। यह विधेयक ट्रांसजेंडर समुदाय को मेडिकल बोर्ड की कठोर परीक्षाओं से गुजरने के लिए मजबूर करता है।
राहुल गांधी ने ट्रांसजेंडर विधेयक को अपमानजनक बताया है। उन्होंने लिखा- इस विधेयक में सुरक्षा उपायों के बिना आपराधिक दंड और निगरानी के प्रावधान हैं, जो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अनुचित और अपमानजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय से बिना परामर्श किए यह विधेयक पेश किया है। यह विधेयक ट्रांसजेंडर समुदाय को संरक्षित करने की बजाय उन्हें कलंकित करता है। राहुल गांधी ने कहा कि संविधान प्रत्येक भारतीय के जीवन, स्वतंत्रता, पहचान और सम्मान की रक्षा करता है। भाजपा सरकार संविधान का उल्लंघन कर रही है और ट्रांसजेंडर समुदायों के अधिकारों को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
लोकसभा में चर्चा के लिए पेश किए गए विधेयक में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान को सुनिश्चित करने और उनकी सुरक्षा के लिए एक उपयुक्त परिभाषा देने की बात की गई है। ऐसा इसलिए किया गया है, ट्रांसजेंडर समुदाय मौजूदा कानूनों का सही लाभ उठा सकें। राहुल गांधी ने इस विधेयक को ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।
लोकसभा में चर्चा के लिए पेश किए गए ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने विरोध किया है। सुप्रिया सुले ने कहा कि जब दुनिया में युद्ध के हालात हों और विषम परिस्थिति हों तो सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के बजाय इस विधेयक पर चर्चा की क्या जल्दबाजी थी?
Updated on:
24 Mar 2026, 9:50 PM IST
Published on:
24 Mar 2026, 9:50 PM IST
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