
सीएम मोहन यादव के निर्देश पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हालात का जायजा लिया। (Photo- Patrika)
Deaths due to contaminated water: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के बाद तीन दिनों में छह मरीजों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग इन मौतों को उल्टी-दस्त से जोड़ने से इनकार कर रहा है, जबकि परिजनों का कहना है कि पहले उल्टी-दस्त से तबीयत बिगड़ी और फिर मौत हो गई। सभी मृतक 50 वर्ष से अधिक आयु के बताए जा रहे हैं। फिलहाल 100 से अधिक मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।
वहीं स्वास्थ्य विभाग ने गलियों में कैंप लगाकर लगभग 400 लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की दवाएं वितरित की हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले 10-12 दिनों से दवा युक्त और गंदा पानी सप्लाई हो रहा था, जिसके कारण यह स्थिति बनी। इतने मरीजों की तबीयत बिगड़ने और कुछ लोगों की मौत के दावों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग अभी तक स्पष्ट आंकड़े जारी नहीं कर रहा है। सीएमएचओ का कहना है कि उल्टी-दस्त से किसी की मौत नहीं हुई है।
जिन परिवारों में मौतें हुई हैं, वे खुले तौर पर कह रहे हैं कि दूषित पानी की सप्लाई हो रही थी। अचानक उल्टी-दस्त शुरू हुए और परिजन की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मरीजों और मौतों की संख्या स्पष्ट रूप से जारी न किए जाने से परिजनों में नाराजगी है।
Published on:
31 Dec 2025 04:01 am
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