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देश में फंगस के नए स्ट्रेन से हड़कंप, दिल्ली AIIMS में दो मरीजों की मौत

Coronavirus In India कोरोना वायरस से जंग के बीच राजधानी दिल्ली से डराने वाले खबर सामने आई है। यहां फंगस के नए स्ट्रेन ने दस्तक दी है। खास बात यह है कि इस स्ट्रेन की चपेट में आने वाले दो मरीजों को नहीं बचाया जा सका।
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Dheeraj Sharma

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Updated: 23 Nov 2021, 4:20 PM IST

Coronavirus In India

Coronavirus In India

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) का खतरा अभी टला नहीं है। तीसरी लहर ( Coronavirus Third Wave ) की आहट के बीच अब एक नया खतरा पैर पसार रहा है। राजधानी दिल्ली से इसको लेकर बड़ी खबर सामने आई है। देश में फंगस के एक नए और खतरनाक स्ट्रेन ने दस्तक दे दी है।

फंगस के नए स्ट्रेन ने दिल्ली में दस्तक दी है। दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पलमनरी डिजिज से पीड़ित दो मरीजों में एस्परगिलस लेंटुलस ( Aspergillus lentulus) की पुष्टि की है। खास बात यह है कि इस फंगस की चपेट में आने वाले दो मरीजों की मौत हो गई, जो चिंता बढ़ाने वाला है।

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कोरोना से जंग के बीच दिल्ली से चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। यहां फंगस के नए स्ट्रेन से संक्रमित दो मरीजों को नहीं बचाया जा सका। इन दोनों मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई।

क्या है एस्परगिलस लेंटुलस?
एस्परगिलस लेंटुलस दरअसल, एस्परगिलस फंगस की ही एक प्रजाति है जो फेफड़ों को संक्रमित करता है। फंगस के बाकी स्ट्रेन की तुलना में इसमें मृत्यू दर काफी अधिक होती है क्योंकि यह फेफड़ों को संक्रमण करता है।
विदेश के देशों में इस तरह के मामले सामने आए हैं, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि भारत में इस नए स्ट्रेन की यह पहली घटना हो सकती है।

फंगस के इस नए स्ट्रेन को पहली बार साल 2005 में चिकित्सा साहित्य में जिक्र किया गया था।

फंगस के नए स्ट्रेन से जिन दो मरीजों की मौत हुई है उन दोनों की उम्र में अंतर सामने आया है। ऐसे में अंतर के चलते ये कहना भी मुश्किल है कि ये फंगस किसी खास उम्र पर अटैक कर रहा है।

इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी ( IJMM ) में छपी केस रिपोर्ट के मुताबिक एक मरीज की उम्र 50 से 60 साल थी, जबकि दूसरी मरीज की उम्र 45 साल से कम थी।

पहले वाले मरीज का शुरुआती इलाज किसी प्राइवेट अस्पताल में हो रहा था, लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ तो वहां से एम्स के लिए रेफर कर दिया गया था।

ये दिखे लक्षण
मिली जानकारी के मुताबिक जिन दो मरीजों की नए स्ट्रेन से मौत हुई उनमें कोरोना जैसे ही लक्षण देखने को मिले। मरीज को बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत हुई जिसके बाद उसे एम्स में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया।

इलाज के दौरान मरीज को Amphotericin B इंजेक्शन दिया गया था। लेकिन पहले की तरह इसके ऊपर भी कोई असर नहीं हुआ। करीब एक हफ्ते बाद शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद मरीज की मौत हो गई।

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ब्लैक,व्हाइट फंगस से मचा था हड़कंप
बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के साथ ही देश में ब्लैक, व्हाइट और येलो फंगस ने जमकर कहर बरपाया। देखते ही देखते देशभर के कई इलाकों से बड़ी संख्या में इन फंगस की चपेट में मरीज आने लगे।
इस फंगस का खतरा सबसे ज्यादा डायबिटीज और हार्ट के मरीजों में ज्यादा देखने को मिला।

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