
Covid Nasal Vaccine
Covid Nasal Vaccine: जानलेवा कोरोना वायरस ने एक बार फिर दुनियाभर में कोहराम मचा दिया है। चीन, अमरीका और जापान सहित कई देशों में हालत बहुत खराब हो चुकी है। कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए भारत सरकार भी अलर्ट हो गई है। भारत में बीते हफ्ते भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन को मंजूरी दी गई। इसके बाद कंपनी ने इसकी कीमत की भी सार्वजनिक कर दी है। देश में नेजल वैक्सीन उन लोगों को नहीं लगाया जा सकता है जिन्होंने बूस्टर खुराक ली है। आइए जानते है कौन कौन इस वैक्सीन को लगवा सकते है और यह बाकी वैक्सीन से कितनी खास है।
वैक्सीन टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा ने एनडीटीवी को बताया, नेजल वैक्सीन (नाक का टीका) पहले बूस्टर के रूप में लगाई जानी है। यदि किसी व्यक्ति को पहले से ही बूस्टर डोज या एहतियाती खुराक मिल चुकी है तो यह उस व्यक्ति के लिए नहीं है। उन्होंने बताया कि यह उन लोगों के लिए है जिन्होंने अभी तक एहतियाती खुराक नहीं ली है।
डॉ. अरोड़ा ने कहा कि वैक्सीन प्रोग्राम के हिस्से के रूप में कोविन चौथी खुराक को स्वीकार नहीं करेगा। यदि कोई एक और चौथी खुराक लेना चाहते हैं। एक अवधारणा है जिसे 'एंटीजन सिंक' कहा जाता है। अगर किसी व्यक्ति को किसी विशेष प्रकार के एंटीजन से बार-बार इम्युनिटी दी जाती है तो शरीर प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है। हो सकता है शरीर खराब प्रतिक्रिया करने लगता है।
इस वैक्सीन को भारत बायोटेक और अमेरिका की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी ने मिलकर बनाया है। इसे पहले BBV154 नाम दिया गया था। लेकिन बाद में बदलकर इसे iNCOVACC नाम दिया गया है। भारत बायोटेक की iNCOVACC वैक्सीन नाक से दी जाएगी। इसमें इंजेक्शन नहीं होगा बल्कि ड्रॉप के जरिए दवा को नाक में डाला जाता है।
बता दें कि भारत में अब तक जितनी वैक्सीन लगाई जा रही है, वे सभी इंट्रामस्कुलर वैक्सीन हैं। इसको इंजेक्शन के माध्मय से बांह में लगाया जाता है। लेकिन भारत बायोटेक की ये नेजल वैक्सीन है। इसे नाक के जरिए दिया जाएगा। यानी इंजेक्शन नाक में नहीं लगेगी, बल्कि ड्रॉप की तरह इसे नाक में डाला जाएगा। कंपनी के मुताबिक, इसकी दो डोज है। प्रत्येक डोज में 4-4 ड्रॉप नाक में डाल जाएगा। दोनों डोज के बीच करीब चार हफ्ते का अंतर होना चाहिए।
डॉक्टरों के अनुसार, नेजल वैक्सीन को मस्कुलर वैक्सीन से ज्यादा असरदार है। जब इंजेक्शन के जरिए बांह में वैक्सीन लगाई जाती है तो वो संक्रमण से फेफड़ों का बचाव करती है। लेकिन नेजल वैक्सीन नाक में दी जाती है। ये नाक में ही वायरस के खिलाफ इम्युनिटी बना देती है जिससे वायरस शरीर के अंदर नहीं जा पाता। इस प्रकार से इसको अन्य वैक्सीन के मुकाबले ज्यादा असरदार माना जाता है।
Published on:
28 Dec 2022 11:30 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
