
अशोक खरात की पुलिस कस्टडी 1 अप्रैल तक बढ़ी (Photo: X/AI)
Self-styled Godman Ashok Kharat: महाराष्ट्र के नासिक के कथित बाबा का जो वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है, उससे संबंधित सच्चाई (Crime News) सामने आई है जिसने न केवल आस्था के नाम पर चल रहे काले धंधों (Illegal Activities) की पोल खोल दी है, बल्कि कई घरों की इज्जत को तार-तार कर दिया है। पुलिस ने शातिर अशोक खरात (Accused Ashok Kharat) नाम के इस कथित बाबा को तरकीब से गिरफ्तार किया है, जिस पर महिलाओं के साथ बलात्कार (Rape Charges) और जबरन वसूली (Extortion Case) के गंभीर आरोप लगे हैं। यह गिरफ्तारी एक पीड़िता की हिम्मत (Victim Courage) के बाद संभव हो पाई है, जिसने इस ढोंगी के चेहरे से नकाब उतारा। जानिए कि उसने सभ्रांत घरानों की बहन बेटियों को कैसे अपना शिकार बनाया।
इस तथ्य का खुलासा हुआ है कि अशोक खरात अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर और मानसिक रूप से परेशान महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। वह खुद को चमत्कारी शक्तियों का स्वामी बताता और महिलाओं को विश्वास दिलाता कि उनकी समस्याओं का समाधान केवल उसी के पास है। इसी विश्वास की आड़ में वह उनका यौन शोषण करता था।
आरोपी केवल शारीरिक शोषण तक ही सीमित नहीं था। वह महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लेता था। इसके बाद, वह उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर लाखों रुपये की उगाही करता था। जो महिलाएं विरोध करती थीं, उन्हें 'श्राप' देने या उनके परिवार को नुकसान पहुँचाने का डर दिखाया जाता था।
एक पीड़ित महिला की शिकायत के बाद नासिक पुलिस हरकत में आई और जाल बिछा कर अशोक खरात को धर दबोचा। पुलिस को शक है कि पीड़ितों की संख्या बहुत अधिक हो सकती है , जो समाज के डर से अब तक चुप थीं। पुलिस अब उसके आश्रम और ठिकानों की तलाशी ले रही है ताकि और भी सबूत जुटाए जा सकें।
नासिक के स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने इस गिरफ्तारी का स्वागत किया है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति के बहकावे में न आएं जो चमत्कार का दावा करता हो। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की तह तक जाकर आरोपी को सख्त सजा दिलवाई जाएगी।
स्थानीय निवासियों में इस खुलासे के बाद भारी आक्रोश है। महिला संगठनों ने मांग की है कि ऐसे मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए ताकि पीड़ितों को तुरंत न्याय मिल सके। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और संपत्तियों की जांच कर रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस रैकेट में कुछ और लोग भी शामिल थे जो महिलाओं को फुसलाकर उसके पास लाते थे। यह घटना महाराष्ट्र के 'अंधविश्वास विरोधी कानून' की प्रासंगिकता फिर से दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा के बावजूद लोग मानसिक शांति के लिए ऐसे बाबाओं के जाल में फंस जाते हैं, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं।
Updated on:
31 Mar 2026 07:15 pm
Published on:
31 Mar 2026 07:14 pm
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