सुहेब के शव को ठिकाने लगाने के लिए जिशान ने अपने दोस्त अतुल और दिव्यम की मदद ली थी। हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए जिशान खुद अपने पिता के साथ थाने गया और सुहेब की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन पुलिस पूछताछ के दौरान जिशान के बार-बार बयान बदलने पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने मामले पर बयान देते हुए कहा कि तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।