17 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मां ने किया बेटी का सौदा, 2.10 लाख में नवजात को अंजान लोगों के हवाले करने को हुई तैयार

लुधियाना में एक महिला द्वारा अपनी नवजात बच्ची को 2.10 लाख रुपये में बेचने की साजिश पुलिस ने नाकाम कर दी। मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

Feb 17, 2026

Crime News

मां ने नवजात बच्ची को बेचा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पंजाब के लुधियाना में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला ने अपनी नवजात बच्ची को 2.10 लाख रुपये में बेचने की कथित साजिश रची। पुलिस के अनुसार महिला पहले से चार बेटियों की मां थी और पांचवी बेटी को पालना नहीं चाहती थी। सोमवार को लुधियाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर इस अवैध सौदे को नाकाम कर दिया। पुलिस के मुताबिक बच्ची को एक निःसंतान दंपति को सौंपने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते सूचना मिलने पर पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।

13 फरवरी को दिया बच्ची को जन्म

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समीर वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी महिला सुनीता देवी ने 13 फरवरी को एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। पांचवी बेटी होने के कारण वह उसे नहीं रखना चाहती थी। उसने अपनी मित्र प्रवीण से इस बारे में चर्चा की, जिसके बाद अस्पताल की एक नर्स से संपर्क साधा गया। पुलिस के अनुसार सौदे की रकम 2.10 लाख रुपये तय की गई थी। रविवार को सभी आरोपी गुरुद्वारा छेवीं पातशाही के पास एक पार्क में इकट्ठा हुए थे, जहां नवजात को मोगा की रहने वाली संभावित खरीदार को सौंपा जाना था।

किसी ने बातचीत सुनकर पुलिस को किया फोन

उसी दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने उनकी बातचीत सुन ली और तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित बचा लिया और मां को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि इस डील में कई लोग शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में सुनीता देवी, उसकी दोस्त प्रवीण, मोगा की मंदीप कौर, पंजाब माता नगर की एक BAMS डॉक्टर मनमीत कौर और उसकी सहयोगी रुचि शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनमें अमृतसर की एक आशा वर्कर पम्मा, एक निजी अस्पताल की नर्स आशा और उसकी सहयोगी गुरमीत कौर शामिल हैं।

नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही पुलिस

पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक अकेला मामला नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे बच्चियों की अवैध खरीद फरोख्त से जुड़ा संगठित गिरोह भी हो सकता है। यह घटना समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव और लैंगिक असमानता की मानसिकता को उजागर करती है। पांचवी बेटी को न अपनाने का निर्णय न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि सामाजिक रूप से भी गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।