
Delhi Air Pollution
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से हवा ( Delhi Air Pollution ) खराब हो रही है। दिवाली के त्योहार से पहले ही राजधानी में दमघोंटू हवा हो गई है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक अगले दो दिनों तक हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है।
यानी दिवाली के बाद 6 नवंबर तक राजधानी की हवा बेहद खराब श्रेणी में बने रहने की संभावना है। महीने की शुरुआत के साथ ही दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 302 दर्ज किया गया है। हालांकि इस बीच एक बात राहत भी दे रही है कि बीते तीन वर्षों में इस बार अक्टूबर का महीना हवा के लिहाज से ज्यादा बेहतर साबित हुआ है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एजेंसी ‘सफर’ (SAFAR) ने सोवार को जो आंकड़े जारी किए हैं उसके मुताबिक एयर क्वालिटी इंडेक्स ( AQI ) 302 दर्ज किया गया है। यानी दिल्ली की हवा दिवाली से पहले ही बेहतर खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
हालांकि, एजेंसी ने भविष्यवाणी की है कि हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार होगा। दरअसल, इसमें कहा गया है, “ऊर्ध्वाधर क्षेत्र में अलग-अलग बारिश होने की संभावना है, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ( IMD ) के पूर्वानुमान के मुताबिक राजधानी दिल्ली में 1-2 नवंबर तक हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी पर रहने की संभावना है। ये स्थिति आने वाले पांच दिन तक बनी रह सकती है।
इस वर्ष अक्टूबर में हवा की स्थिति बेहतर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक बीते तीन वर्ष के मुकाबले इस बार दिल्ली की हवा अक्टबर के महीने में बेहतर है। दरअसल इसकी बड़ी वजह मानसून गतिविधियों का देर तक चलना है। अक्टूबर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण दिल्ली में 3 साल में पहली बार इस महीने में सबसे अच्छी वायु गुणवत्ता रही है।
आईएमडी के मुताबिक, अक्टूबर में 122.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जो 1956 में दर्ज की गई 236.2 मिमी बारिश के बाद इस महीने सबसे ज्यादा है।
बीते तीन साल में यह पहला मौका है जब दिल्ली में अक्टूबर में वायु गुणवत्ता एक भी दिन ”बहुत खराब” या ”गंभीर” श्रेणी में नहीं रही।
राजधानी में इस महीने आम तौर पर प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों और उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में पराली जलाने के कारण प्रदूषण के स्तर में तेज बढ़ोत्तरी दर्ज की जाती है।
दरअसल इस वर्ष अक्टूबर के महीने में दिल्ली में एक्यूआई औसतन 200 के अंदर ही रहा। जो बेहतर माना जाता है। बता दं कि शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘अच्छा’ होता है, वहीं 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, जबकि 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।
Published on:
01 Nov 2021 10:59 am
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