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Delhi Excise Case: मनीष सिसोदिया के घर CBI के बाद अब ED दे सकती है दस्तक, मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच संभव

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेता मनीष सिसोदिया का मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सीबीआई की 14 घंटे से ज्यादा चली छापेमारी के बाद अब ईडी की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।

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Delhi Excise Case After CBI Raid at Manish Sisodia House ED May Investigate Money Laundering Case

Delhi Excise Case After CBI Raid at Manish Sisodia House ED May Investigate Money Laundering Case

दिल्ली के डिप्टी सीएम के घर शुक्रवार को सीबीआई की छापेमारी से हड़कंप मच गया। सुबह 8.30 बजे से शुरू हुई ये छापेमारी देर रात 10.30 बजे तक चली। यानी 14 घंटे तक सीबीआई ने सिसोदिया के घर पर सघन छापेमारी की। इस दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और कुछ अहम दस्तावेज जब्त किए गए। खास बात यह है कि मनीष सिसोदिया की मुश्किलें और बढ़ सकती है, क्योंकि अब सीबीआई रेड के बाद प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई खतरा मंडरा रहा है। माना जा रहा है कि अब ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से एक्साइज पॉलिसी केस की जांच कर सकती है।

मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। 14 घंटे की सीबीआई रेड के बाद अब ईडी की ओर से भी सिसोदिया पर शिकंजा कसा जा सकता है। अब ईडी दिल्ली आबकारी नीति में मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर सकती है।


हालांकि अभी मनीष सिसोदिया को इस बात की राहत मिल सकती है कि ईडी की कार्रवाई में कुछ समय लगेगा। दरअसल ईडी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से पहले CBI केस का ब्यौरा और विभिन्न सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों के इसमें शामिल होने की जांच करेगी। इसके बाद ही मनीष सिसोदिया की बारी आ सकती है।

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दिल्ली एक्साइज पॉलिसी में अनियमितताओं को लेकर सीबीआई ने एक एफआईार दर्ज करने के बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और एक आईएएस अधिकारी आरव गोपी कृष्ण के ठिकानों के अलावा 19 स्थानों पर शुक्रवार को रेड की थी।


मनीष सिसोदिया के घर 14 घंटे की छापेमारी के बाद सीबीआई की टीम ने डिप्टी सीएम के घर से सीक्रेट डॉक्यूमेंट भी बरामद किए हैं। इसके बाद जांच एजेंसी ने सिसोदिया के खिलाफ FIR भी दर्ज कर ली। इस एफआईआर में मनीष सिसोदिया को मुख्य आरोपी के तौर पर पेश किया गया है। यानी उन्हें आरोपी नंबर 1 बताया है।

CBI की ने मनीष सिसोदिया के अलावा 14 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया है। हालांकि मनीष सिसोदिया का नाम सबसे ऊपर रखा गया है यानी जांच का केंद्र आप नेता ही रहेंगे।


- मनीष सिसोदिया, डिप्टी सीएम, दिल्ली
- आर्व गोपी कृष्ण, तत्कालीन एक्साइज कमिश्नर
- आनंद तिवारी, एक्साइज डिप्टी कमिश्नर
- पंकज भटनागर, असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर
- विजय नैयर, CEO, एंटरटेनमेंट इवेंट मैनेजमेंट कंपनी, मुंबई
- मनोज राय, पूर्व कर्मचारी, पेर्नोड रेकोर्ड
- अमनदीप ढाल, डायरेक्टर, ब्रिंडको सेल्स प्राइवेट लिमिटेड, महारानी बाग
- समीर महेंद्रु, मैनेजिंग डायरेक्टर, इंडोस्प्रिट ग्रुप, जोरबाग
- अमित अरोड़ा, बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड, डिफेंस कॉलोनी
- बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड
- दिनेश अरोड़ा, गुजरावाला टाउन, दिल्ली
- महादेव लिकर, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया
- सनी मारवाह, महादेव लिकर
- अरुण रामचंद्र पिल्लई, बंगलुरु, कर्नाटक
- अर्जुन पांडेय, गुरुग्राम फेस-3, डीएलएफ


FIR कॉपी के मुताबिक, अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अरुण पांडे शराब व्यापारियों से कमीशन लिया करते थे। यही नहीं कमीशन के बदले में ही लाइसेंस भी दिया जाता था। अब ये चारों ही मनीष सिसोदिया के करीबी बताए जा रहे हैं। ऐसे में सिसोदिया पर सीबीआई का शिकंजा और कस सकता है।

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