
delhi hc issue notice to ramdev on statement against allopathy
नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान एलोपैथी पर दिए बयान को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस मामले में बाबा रामदेव को उनका जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है। न्यायमूर्ति सी हरिशंकर ने स्पष्ट किया कि वह रामदेव के खिलाफ वाद में आरोपों के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रहे। वहीं रामदेव को किसी प्रकार की राहत देने के बारे में बाद में विचार किया जाएगा।
बाबा रामदेव के बयानों का जिक्र
इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति हरिशंकर ने एलोपैथी को लेकर रामदेव के बयानों का जिक्र भी किया। न्यायमूर्ति ने रामदेव के वकील राजीव नायर से कहा कि मैंने एलोपैथी पर रामदेव के बयानों की क्लिप देखी है। वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि आपके मुवक्किल एलोपैथी उपचार प्रोटोकॉल पर उपहास कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को स्टेरॉइड की सलाह देने और अस्पताल जाने वाले लोगों तक का उपहास उड़ाया है। क्लिप देखकर यह निश्चित रूप से वाद दर्ज करने का मामला है।
एलोपैथी पर विवादित बयान
बता दें कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान योगगुरु बाबा रामदेव ने एलोपैथी को लेकर कथित रूप विवादित बयान दिया था। इसको लेकर बाबा रामदेव की खूब आलोचना हुई थी। इसके साथ ही कई चिकित्सक संगठनों ने एलोपैथी के खिलाफ कथित रूप से गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया था। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट से बाबा रामदेव को नोटिस मिलने के बाद से यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।
इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता नायर ने कहा कि उन्हें मामले में नोटिस जारी होने पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि वो बाब रामदेव पर लगाए गए आरोपों का विरोध कर रहे हैं। रामदेव के अलावा आचार्य बालकृष्ण और पंतजलि आयुर्वेद को भी मामले में समन जारी कर जवाब देने को कहा गया है। इसके साथ ही अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गूगल, फेसबुक और ट्विटर को भी नोटिस जारी किए हैं।
Published on:
27 Oct 2021 06:51 pm
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