
दिल्ली हाईकोर्ट: कुंडली का बहाना बनाकर शादी से इनकार अपराध (इमेज सोर्स: AI और विकिपीडिया)
नई दिल्ली. शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाना और बाद में कुंडली नहीं मिलने के नाम पर इनकार करना अपराध हो सकता है। हाल में एक मामले में सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने यह बात कही है। कोर्ट का कहना है कि ऐसा बर्ताव उस आदमी की तरफ से किए गए वादों की वास्तविकता पर शक पैदा करता है। इसी के साथ पीठ ने रेप के आरोपी की तरफ से दाखिल जमानत की याचिका को खारिज कर दिया है।
जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत में पेश की गई सामग्री से पता चलता है कि आरोपी ने महिला को भरोसा दिया था कि कुंडली मिल गई है। शादी में कोई बाधा नहीं आएगी। एक संदेश में आरोपी ने कथित तौर पर कहा था कि हम कल ही शादी कर रहे हैं। बेंच ने कहा कि शुरुआत में शादी का भरोसा देने के बाद, कुंडली न मिलने’ का आधार बनाकर शादी से इनकार करना, पहली नजर में आवेदक की ओर से किए गए वादे की असलियत और उसकी मंशा पर सवाल उठाता है। इस स्तर पर ऐसा व्यवहार बीएनएस की धारा 69 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है।
शिकायतकर्ता महिला के आरोप थे कि आरोपी उसके साथ लंबे समय तक रिलेशन में रहा और शादी का वादा कर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। महिला ने दावा किया आरोपी और उसके परिवार की ओर से शादी का वादा मिलने के बाद पहले शिकायत वापस ले ली थी। हालांकि, बाद में आरोपी ने कुंडली नहीं मिलने की बात कहकर शादी से इनकार कर दिया।
जस्टिस शर्मा ने पाया कि आरोपी का स्टैंड पिछले दावों से मेल नहीं खाता। कुंडली का मिलना इतना ही निर्णायक और महत्वपूर्ण था, तो शारीरिक संबंध बनाने से पहले ही इस मुद्दे को सुलझा लिया जाना चाहिए था। कोर्ट ने यह भी कहा कि कुंडली को आधार बनाकर पहले सुलझने का वादा किया गया और बाद में उसी को लेकर इनकार किया गया।
Updated on:
25 Feb 2026 02:53 am
Published on:
25 Feb 2026 02:53 am
