
बेटियों को कैंसर से बचाने की तैयारी, इसी साल से लगेगा एचपीवी टीका (इमेज सोर्स: चैट GPT जनरेटेड)
नई दिल्ली. भारत सरकार किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर के खतरों से बचाने के लिए राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस महीने के अंत तक 14 वर्ष की लड़कियों के लिए 'ह्यूमन पैपिलोमा वायरस' (एचपीवी) वैक्सीन का ये अभियान शुरू कर दिया जाएगा। पहले 90 दिनों में उन लड़कियों को टीका लगाया जाएगा, जिनकी उम्र जन्मतिथि के अनुसार 14 वर्ष पूरी हो चुकी है।
इस अभियान के तहत हर साल 1.15 करोड़ किशोरियों को टीके की ‘सिगल डोज’ दी जाएगी। शुरुआती दो वर्ष तक गार्डसिल वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाएगा। ‘गैवी वैक्सीन गठबंधन’ के तहत भारत को 2.6 करोड़ खुराकें मिलनी हैं, जिसमें एक करोड़ भारत पहुंच चुकी हैं। सीरम का स्वदेशी टीके ‘सर्वावैक’ को अभी विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी नहीं मिली है। सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की सिफारिशों और वैश्विक अध्ययनों को आधार मानते हुए ये अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 14 साल की उम्र में यह वैक्सीन सबसे ज्यादा प्रभावी होती है। इस उम्र में टीकाकरण करने से शरीर में सबसे मजबूत और लंबे समय तक रहने वाली एंटीबॉडी बनती है, जो भविष्य में कैंसर के खतरे को लगभग खत्म कर देती है। अध्ययन बताते हैं किशोरावस्था में टीकाकरण 30 वर्ष की आयु तक सर्वाइकल कैंसर के खतरे को 85त्न कम कर देता है।
शुरुआत में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर सीधे टीका लगाया जाएगा। इसके बाद, यू-विन (कोविन की तरह) पोर्टल के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर स्लॉट बुक कर सकेंगे।
सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा) भारत में महिलाओं को होने वाला दूसरा कैंसर सबसे आम कैंसर है। डब्लूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक हर वर्ष भारत में 75 हजार महिलाओं की जान जाती है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। आंकड़ों के मुताबिक करीब 85त्न मामले लगातार एचपीवी के कारण होते हैं।
Published on:
25 Feb 2026 03:09 am
