20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शराब घोटाला: मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज, अब हाईकोर्ट का रुख करेंगे AAP नेता

Delhi liquor scam case: दिल्ली शराब घोटाला मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को शुक्रवार को भी राहत नहीं मिली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। इसका मतलब यह कि सिसोदिया को अभी जेल में ही रहना होगा।

2 min read
Google source verification
Delhi liquor scam case

Delhi liquor scam case

Delhi liquor scam case: शराब घोटाला केस में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को आज फिर बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी। इसका मतलब यह कि सिसोदिया को अभी जेल में ही रहना होगा। मालूम हो कि दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। शराब घोटाले के साथ-साथ उनपर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की भी जांच चल रही है। 26 फरवरी को सिसोदिया को सीबीआई ने 8 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। जिसके बाद वो लगातार जेल में ही है। दूसरी ओर दिल्ली की एक अदालत ने इसी मामले के एक अन्य अभियुक्त समीर महेंद्रू की जमानत अवधि बढ़ा दी है।

अब हाईकोर्ट का रुख करेंगे सिसोदिया-

शराब घोटाले में निचली अदालत से राहत नहीं मिलता देख अब दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम हाईकोर्ट का रुख करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार सिसोदिया हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर करेंगे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि आप सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आए। जिसके बाद उन्होंने निचली अदालत का रुख का किया था।

बीते सप्ताह कोर्ट ने याचिका पर सुरक्षित रखा था फैसला


बता दे कि एक सप्ताह पहले इस मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। विगत सप्ताह केद्रीय जांच ब्यूरो ने शराब घोटाले मामले का विवरण और गवाहों के बयान अदालत के सामने पेश किए थे। सीबीआई ने 26 फरवरी को सिसोदिया को गिरफ्तार किया था।

यह भी पढ़ें- अजय माकन बोले, मनीष सिसोदिया से हमदर्दी रखने वाले जान लें ये भ्रष्टाचार का मामला है


पूर्व डिप्टी सीएम ने दी थी ये दलील


पहले पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्रायल कोर्ट में अपनी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा था कि उन्हें हिरासत में रखने से सीबीआई को कोई फायदा नहीं है। क्योंकि इस मामलें में सभी रिकवरी पहले ही की जा चुकी हैं। उन्होंने सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग किया, उन्हें जब बुलाया गया उसी समय हाजिर हुए। साथ ही इस बात का हवाला भी दिया था कि पब्लिक लाइफ में एक्टिव होने की वजह से समाज में उनकी गहरी जड़ें है। इसलिए उनके जमानत दी जानी चाहिए।