पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में यह संख्या लगभग 9000 तक पहुंच गई थी। बावजूद इसके, गोपाल राय इस पर बात करने से बचते हैं और अन्य राज्यों का उल्लेख करते हैं। केंद्र सरकार ने हरियाणा और पंजाब के लिए पराली जलाने को रोकने के लिए 3,300 करोड़ रुपए दिए हैं, लेकिन यह राशि सही तरीके से उपयोग नहीं की गई। अधिकतर मशीनें जो इन समस्याओं को सुलझा सकती थीं, अब धूल खा रही हैं।” वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण पराली जलाना है। गोपाल राय और आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले 10 वर्षों में दिल्ली को प्रदूषण के मामले में गंभीर स्थिति में डाल दिया है। साल 2022 में पंजाब में 15.43 लाख हेक्टेयर खेत में पराली जलाई गई, जो 2023 में बढ़कर 19 लाख हेक्टेयर हो गया। लेकिन गोपाल राय इन आंकड़ों पर चुप्पी साधे हुए हैं।” उन्होंने कहा, “दिल्ली का बजट 76,000 करोड़ रुपये है, लेकिन प्रदूषण रोकने के लिए कितना पैसा खर्च किया गया है? एनसीपी के तहत केंद्र सरकार ने 37 करोड़ रुपए दिए, लेकिन मात्र 10 करोड़ खर्च किए गए। यह दर्शाता है कि गोपाल राय और उनकी सरकार ने इस समस्या के प्रति कितनी गंभीरता दिखाई है।