इन विस्थापितों में अधिकतर आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। दरअसल, 7,660 घरों में से सबसे अधिक 1,813 घर कांगपोकपी जिले में बनाए जाएंगे। इसके अलावा चूड़ाचांदपुर जिले में 1,331, काकचिंग जिले में 1,217, बिष्णुपुर में 1,015, इंफाल पूर्व में 594, टेंग्नौपाल में 880, चंदेल में 511, इंफाल पश्चिम में 225 और कामजोंग में 74 घर बनाए जाएंगे। उन्हें मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) से मिली धनराशि पर्याप्त नहीं है, इसलिए उन्होंने फुबाला (मोयांग), सेरीकल्चर फार्म, चुराचंदपुर, कंगपोकपी के आसपास के क्षेत्रों में लगभग 2,500 घरों के निर्माण के लिए चार-चार लाख रुपये की अतिरिक्त राशि का अनुरोध किया।