आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष (IMA President) सहजानंद प्रसाद सिंह (Sahajanand Prasad Singh) ने बताया कि "स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) ने हमें आश्वासन दिया है कि NEET-PG की काउंसलिंग 6 जनवरी 2022 से पहले शुरू हो जाएगी। डॉक्टरों पर कोई एफआईआर (FIR) नहीं होगी। कोरोना के नए वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी सावधानियां बरतनी ही है।"
दिल्ली में आज मरीजों को बड़ी राहत मिली है क्योंकि लंबे समय से चल रहा डॉक्टरों का हड़ताल अब खत्म हो गया है। ये हड़ताल डॉक्टरों ने सरकार के आश्वासन के बाद खत्म किया है। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने किसी भी डॉक्टर के खिलाफ कोई मामला दर्ज न करने का भी निर्णय लिया है। अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं भी शुरू हो गई है। इस बात की जानकारी आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष (IMA President) सहजानंद प्रसाद सिंह (Sahajanand Prasad Singh) ने दी है।
सरकार ने क्या दिया आश्वासन?
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि "स्वास्थ्य मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि NEET-PG की काउंसलिंग 6 जनवरी 2022 से पहले शुरू हो जाएगी। डॉक्टरों पर कोई एफआईआर नहीं होगी। कोरोना के नए वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी सावधानियां बरतनी ही है।"
दरअसल, 30 दिसंबर को आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहजानंद प्रसाद सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में उन्होंने में NEET-PG की काउंसलिंग में हो रही देरी की समस्या को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए अपील की। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टर्स के शांतिपूर्ण विरोध पर पुलिस द्वारा लिए गए एक्शन के खिलाफ आपत्ति भी जताई। सरकार के आश्वासन को लेकर IMA ने एक प्रेस रिलीज भी जारी की है।
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IMA ने जारी किया प्रेस रिलीज
आईएमए द्वारा जारी किए गए प्रेस रिलीज में लिखा है कि "डॉक्टरों की शांतिपूर्ण मांग को लेकर आईएमए ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। हजारों युवा डॉक्टर पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक साल से अधिक समय से इंतजार कर रहे हैं, जिसमें कोरोना महामारी के कारण देरी हो रही है।"
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स्वास्थ्य मंत्री और गृह मंत्री से भी की गई अपील
प्रेस रिलीज में आगे बताया गया है कि "आईएमए ने स्वास्थ्य मंत्री और गृह मंत्री से भी अपील की है कि हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को बिना शर्त वापस लिया जाए। वर्तमान में जिस तरह से देश में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ रहा है विभिन्न अस्पतालों में मौजूदा चिकित्सा जनशक्ति को बढ़ाना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। NEET-PG परीक्षाओं की तैयारी के दौरान भी रेजिडेंट डॉक्टरों ने महामारी के दौरान महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके बावजूद हड़ताल पर जाने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ रहा है जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें आशा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन से उपरोक्त समस्या का शीघ्र ही समाधान हो जाएगा।"
फोर्डा ने भी दी थी जानकारी
इससे पहले फोर्डा द्वारा जारी किए गए बयान में कहा था कि उसकी ज्वाइंट सीपी के साथ बैठक हुई थी। एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है । 31 दिसंबर को 12 बजे के बाद फोर्डा ने NEET 2021 काउंसलिंग में देरी के खिलाफ अपनी हड़ताल वापस ले ली।