
दिल्ली दंगों की साजिश के आरोपी उमर खालिद (Photo-IANS)
Delhi Riots: दिल्ली दंगों की साजिश के आरोपी उमर खालिद ने दिल्ली की एक अदालत में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज UAPA का मामला का खारिज हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस के पास कोई भौतिक साक्ष्य नहीं है, केवल देरी से दर्ज गवाह बयान हैं।
बता दें कि कड़कड़डूमा अदालत में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी के समक्ष उमर खालिद के वकील दलीलें दीं। खालिद के वकील ने कहा- आप किसी को भी 11 महीने बाद पकड़कर कुछ भी बयान दिलवा लें और वो UAPA केस बन जाता है। अभियोजन को साक्ष्य की जरूरत नहीं, बस बयान चाहिए।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने उमर खालिद की दलीलें सुनीं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। खालीद के वकील ने कहा- उमर की गिरफ्तारी के एक साल बाद गवाह पेश हुए। उन्होंने कहा कि यह मामला सुनवाई के दौरान ही ध्वस्त हो जाएगा, क्योंकि आरोपपत्र पूरी तरह से गवाहों के बयानों पर आधारित था।
वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया, "जमानत आदेश आरोपों को बढ़ाने का काम नहीं करते। जमानत आदेश केवल जमानत के लिए होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि "6 मार्च, 2020 को एक प्रमुख राजनेता के ट्वीट के बाद पुलिस को दंगे की साजिश का पता चला, जिसके बाद बयान दर्ज किए गए।
कोर्ट में वकील ने कहा कि उमर खालिद के खिलाफ हिंसा से जुड़े हुए सबूत है और ना ही उनके पास से कोई हथियार बरामद हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने चक्का जाम की योजना बनाने वाले व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे, उन्हें आरोपी की वजाय गवाह बना दिया गया।
बता दें कि इस मामले को लेकर भी कोर्ट में पिछले हफ्ते सुनवाई हुई थी। उस दौरान खालिद के वकील ने समान विचारधारा वाले लोग, अन्य सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक अधिकार संगठनों को साजिश के मामले में आरोपी नहीं बनाने पर सवाल उठाया था।
Updated on:
18 Oct 2025 04:04 pm
Published on:
18 Oct 2025 04:04 pm
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