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धर्मेंद्र इस बड़े बीजेपी नेता से हुए प्रभावित, चुनाव जीतने के बाद क्या हुआ ऐसा कि कभी फिर चुनाव न लड़ने की खाई कसम

Dharmendra political connection: इंडस्ट्री में देओल परिवार की अलग पहचान है। अभिनय क्षेत्र के ​अलावा राजनीति में भी धर्मेंद्र का परिवार सक्रिय रहा है। उनकी पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी उत्तर प्रदेश के मथुरा से सांसद हैं।

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Dharmendra political connection

दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र (Photo-ANI)

Dharmendra Political Connection: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने लंबे समय से बीमारी से जूझते हुए सोमवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। 89 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। इस दुखद खबर के बाद मनोरंजन जगत के कलाकारों ने भावुक होकर धर्मेंद्र को याद करते हुए पोस्ट शेयर कीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई दिग्गज नेताओं ने धर्मेंद्र के निधन पर शोक व्यक्त किया है। बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ कहे जाने वाले धर्मेंद्र ने अपने शानदार फिल्मी करियर के साथ-साथ राजनीति में भी कदम रखा था। आइए जानते हैं उनकी सियासी पारी…

पत्नी सांसद, बेटा पूर्व सांसद

इंडस्ट्री में देओल परिवार की अलग पहचान है। अभिनय क्षेत्र के अलावा राजनीति में भी धर्मेंद्र का परिवार सक्रिय रहा है। उनकी पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी उत्तर प्रदेश के मथुरा से सांसद हैं। हेमा लगातार तीन बार से यहां से भाजपा सांसद हैं। उनके बड़े बेटे सनी देओल भी राजनीति से ताल्लुक रखते हैं। सनी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर गुरदासपुर से चुनाव जीता और सांसद बने। इसके बाद वर्ष 2024 में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया।

बीजेपी के अभियान से प्रभावित होकर राजनीति में ली एंट्री

आपको बता दें कि धर्मेंद्र ने 2004 में भारतीय जनता पार्टी के ‘स्विंग इंडिया’ अभियान से प्रेरित होकर राजनीति में कदम रखा। इस दौरान अभिनेता ने शत्रुघ्न सिन्हा के साथ वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। बीजेपी ने धर्मेंद्र को राजस्थान की बीकानेर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में धर्मेंद्र ने कांग्रेस के प्रत्याशी रमेश्वर लाल दूडी को करीब 60 हजार वोटों से हराकर जीत दर्ज की।

इसलिए बनाई राजनीति से दूरी

हालांकि धर्मेंद्र को राजनीति रास नहीं आई। उन्होंने अपने 5 साल के कार्यकाल में बहुत कम बार संसद में उपस्थिति दर्ज कराई। बीकानेर के लोगों ने आरोप लगाया था कि उनके सांसद धर्मेंद्र न तो क्षेत्र में ज्यादा दिखाई देते थे और न ही जनता से उनका जुड़ाव बन पाया। 5 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली। धर्मेंद्र ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उन्हें चुनाव लड़ने का पछतावा है, और उन्होंने दोबारा कभी चुनाव न लड़ने की कसम खा ली।