
कीर्ति आजाद। (फोटो- IANS)
दिल्ली में पेपर लीक को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में शिक्षा और स्वास्थ्य मुफ्त हैं, लेकिन भारत में युवाओं के भविष्य को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिख रही।
कीर्ति आजाद ने कहा- सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। अब तक 80 पेपर लीक हुए हैं, ऐसे में छात्रों की मुख्य मांगें साफ हैं- पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगे, जिन 22 छात्रों की मौत हो गई उनके परिवार को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा मिले और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
कीर्ति आजाद ने कहा कि छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा- दुनिया के किसी भी विकसित देश में इस तरह की समस्या नहीं होती है। हमारे भारत में शिक्षा पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा।
इसके अलावा, कीर्ति आजाद ने प्रोटेस्ट के बीच युवाओं की ताकत को याद दिलाने के लिए नेपाल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा- वहां जब युवा सड़कों पर उतरे तो सरकार बदल गई।
कीर्ति ने कहा कि इमरजेंसी के बाद भी भारत में सरकार बदली थी। मतलब साफ है- जब जनता और खासकर युवा एकजुट होते हैं तो सत्ता को झुकना पड़ता है।
उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद सोनम वांगचुक से बात की है। इससे साफ होता है कि विपक्षी दलों को छात्रों की परेशानी समझ आ रही है।
कीर्ति आजाद ने कहा कि अगर युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा तभी देश का भविष्य सुरक्षित रहेगा। सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
टीएमसी नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में छात्र संगठन और युवा सड़कों पर हैं। कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं और मांगें तेज होती जा रही हैं। कीर्ति आजाद ने साफ कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने सभी विपक्षी दलों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट हों। युवा आंदोलन को मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि सरकार को मजबूरन कदम उठाने पड़ें।
Updated on:
20 Jul 2026 06:30 pm
Published on:
20 Jul 2026 06:30 pm
