
श्रीलंका के पास ईरानी जहाज पर अंडरवॉटर स्ट्राइक
अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में एक ईरानी नौसैनिक जहाज को डूबो दिया। इस पर एक अमेरिकी समाचार चैनल वन ने दावा किया था कि अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रही है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए चैनल के दावे को पूरी तरह निराधार बताया है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि फर्जी खबरों से सावधान रहें। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका स्थित चैनल ओएएन पर किए जा रहे ये दावे कि भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना कर रही है, पूरी तरह से झूठे और निराधार हैं। हम आपको ऐसे आधारहीन और मनगढ़ंत दावों से सावधान करते हैं।
चैनल का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि US डिफेंस सेक्रेटरी के पूर्व सलाहकार मैकग्रेगर डगलस कह रहे हैं कि जंग के दौरान उनके मध्य एशिया में मौजूद सभी बेस तबाह हो गए हैं। इसलिए यूएस आर्मी को भारत पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जहां पोर्ट्स उतने अच्छे नहीं हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या मोदी सरकार भारत के पोर्ट्स को US-इजरायल को एक ऐसी लड़ाई में इस्तेमाल करने दे रही है जिसमें बेगुनाह आम लोग मारे जा रहे हैं? क्या भारत को भारतीय नागरिकों या हमारी संसद को बताए बिना इस लड़ाई में घसीटा जा रहा है?
पेंटागन में एक प्रेस ब्रीफिंग में बोलते हुए युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने ईरान के सैन्य ढांचे को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बारे में आज मैं आपके सामने एक स्पष्ट संदेश लेकर खड़ा हूं। अमेरिका निर्णायक, विनाशकारी और निर्दयता से जीत रहा है। यह अभियान शनिवार तड़के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर शुरू हुआ था और अभी भी अपने शुरुआती चरण में है।
हेगसेथ ने कहा कि पहली बात तो यह है कि इस अभियान को शुरू हुए अभी केवल चार दिन हुए हैं। आंकड़े बदल रहे हैं, स्थिति सामान्य हो रही है और अधिक सेनाएं पहुंच रही हैं। दूसरी बात, इस अभियान को शुरू हुए केवल चार दिन हुए हैं और परिणाम अविश्वसनीय रहे हैं, वास्तव में ऐतिहासिक।
वायु सेना के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान में 2,000 से अधिक ठिकानों पर पहले ही हमला कर चुका है। आज सुबह तक, अमेरिकी केंद्रीय कमान लगातार प्रगति कर रही है। केन ने कहा कि ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या लड़ाई के पहले दिन की तुलना में 86 प्रतिशत कम हो गई है, जिसमें अकेले पिछले 24 घंटों में 23 प्रतिशत की कमी आई है। ईरान के ड्रोन हमलों में भी भारी गिरावट आई है।
Updated on:
05 Mar 2026 07:53 am
Published on:
05 Mar 2026 07:52 am
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