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UPI-बैंकिंग ऐप्स में आएगा ‘फ्रीज’ बटन, डिजिटल फ्रॉड पर सरकार का बड़ा एक्शन

डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए सरकार UPI और बैंकिंग ऐप्स में ‘फ्रीज बटन’ लाने की तैयारी कर रही है। एक टैप में सभी अकाउंट फ्रीज होंगे, जिससे फ्रॉड के दौरान पेमेंट तुरंत रोकी जा सकेगी।

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भारत

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Devika Chatraj

Jan 22, 2026

UPI में लॉन्च होगा ‘फ्रीज’ बटन

डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए सरकार अब बड़ा और सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही UPI और बैंकिंग ऐप्स में ‘फ्रीज’ या ‘किल स्विच’ बटन दिया जा सकता है, जिसकी मदद से यूजर्स एक टैप में अपने सभी बैंक अकाउंट और UPI पेमेंट्स को फ्रीज कर सकेंगे। इस कदम का मकसद ऑनलाइन फ्रॉड के दौरान होने वाले करोड़ों रुपये के नुकसान को तुरंत रोकना है।

क्या है UPI और बैंकिंग ऐप्स का ‘फ्रीज बटन’?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय (MHA) इस फीचर को लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

  • यह ‘फ्रीज बटन’ यूजर्स को उनके UPI और बैंकिंग ऐप्स में मिलेगा।
  • एक बार बटन दबाते ही सभी बैंक अकाउंट और UPI ट्रांजैक्शन तुरंत बंद हो जाएंगे।
  • इससे किसी भी तरह का पेमेंट, ट्रांसफर या ऑटो-डेबिट नहीं हो पाएगा।

अगर किसी यूजर को यह महसूस होता है कि वह किसी ऑनलाइन फ्रॉड या डिजिटल अरेस्ट स्कैम का शिकार हो सकता है, तो वह तुरंत इस बटन को एक्टिवेट कर सकता है।

बैंक और फैमिली को भी जाएगा अलर्ट

  • इस फ्रीज बटन की खास बात यह है कि यह सिर्फ पेमेंट रोकने तक सीमित नहीं होगा।
  • बटन दबाते ही संबंधित बैंक को तुरंत अलर्ट मिलेगा।
  • रिस्की ट्रांजैक्शन को रियल टाइम में रोका जा सकेगा।
  • फैमिली मेंबर को भी सूचना देने का ऑप्शन मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य एक ऐसा सेंट्रल अलर्ट सिस्टम तैयार करना है, जिससे फ्रॉड के समय तुरंत एक्शन लिया जा सके।

डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड क्यों बन रहा है बड़ी समस्या?

पिछले एक साल में डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के कई बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों के अकाउंट से लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक उड़ गए। इस तरह के फ्रॉड में स्कैमर्स खुद को पुलिस, CBI, कस्टम या इनकम टैक्स अधिकारी बताते हैं, फर्जी वीडियो कॉल के जरिए डराया जाता है। ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं। डर और घबराहट में लोग तुरंत पैसे भेज देते हैं, जिससे बड़ा नुकसान हो जाता है।

इंश्योरेंस सेक्टर में फ्रॉड पर भी सरकार की नजर

सरकार सिर्फ बैंकिंग ही नहीं, बल्कि इंश्योरेंस सेक्टर में हो रहे फ्रॉड पर भी सख्ती करने जा रही है। फर्जी क्लेम और गलत तरीके से इंश्योरेंस राशि जारी करने वाले मामलों को रोकने के लिए नए नियम लाए जा सकते हैं। इसके साथ ही, RBI ने डिजिटल पेमेंट प्रोटेक्शन फंड का सुझाव भी दिया है, ताकि फ्रॉड को यूजर की गलती नहीं बल्कि सिस्टम-वाइड रिस्क के रूप में देखा जा सके।

डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से कैसे बचें?

जब तक फ्रीज बटन पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, तब तक सावधानी बरतें। किसी भी अधिकारी के नाम पर आने वाली कॉल या वीडियो कॉल से सतर्क रहें, क्योंकि पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती। संदिग्ध कॉल मिलते ही तुरंत घबराएं नहीं, किसी को भी पेमेंट न करें और तुरंत बैंक तथा साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।