
भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह वर्ष 2023-24 में 17.7 फीसदी बढ़कर 19.58 करोड़ रुपए हो गया। यह सरकार के अनुमान से अधिक है। केंद्र ने आम बजट में डायरेक्ट टैक्स का लक्ष्य 18.23 लाख करोड़ रुपए तय किया, जिसे संशोधित कर 19.45 लाख करोड़ कर दिया। यानी सरकारी खजाने में बजट अनुमान से 1.35 लाख करोड़ अधिक आए। वर्ष 2023-24 में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 18.48त्न बढ़कर 23.37 लाख करोड़ रुपए हो गया। 3.79 लाख करोड़ रुपए के रिफंड जारी हुए।
कॉरपोरेट से आगे निकले आम लोग
प्रत्यक्ष कर संग्रह लोगों की आय में वृद्धि को दर्शाते हैं। सीबीडीटी के मुताबिक, आम लोगों से वसूले लाने वाले टैक्स का ग्रॉस कलेक्शन 12.01 लाख करोड़ रुपए रहा। यह 2022-23 में 9.67 लाख करोड़ था। रिफंड के बाद नेट पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन 25.23त्न बढ़कर 10.44 लाख करोड़ रुपए रहा। जबकि नेट कॉरपोरेट टैक्स केवल 10.26त्न बढ़ा और यह 9.11 लाख करोड़ रुपए रहा। ग्रॉस कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 11.32 लाख करोड़ रुपए रहा।
25.23 फीसदी अधिक रहा
10.44 लाख करोड़ रहा नेट पर्सनल टैक्स कलेक्शन पिछले साल से 25.23 फीसदी अधिक रहा। वहीं नेट कॉरपोरेट कलेक्शन सालाना आधार पर 10.26 फीसदी बढ़कर 9.11 लाख करोड़ रुपए ही रहा। ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 2023-24 में 23.37 लाख करोड़ रहा जोकि वर्ष 2022-23 के 19.72 लाख करोड़ रुपए से 18.48 फीसदी अधिक है। वहीं 12.01 लाख करोड़ रहा कुल पर्सनल टैक्स कलेक्शन, सालाना आधार पर 24.26 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।
Updated on:
22 Apr 2024 06:55 pm
Published on:
22 Apr 2024 06:54 pm
