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तमिलनाडु चुनाव में हार के बाद DMK में बड़ा बदलाव, स्टालिन बोले- ‘पदाधिकारियों के लिए उम्र और कार्यकाल की सीमा तय करेंगे’

तमिलनाडु चुनाव में हार के बाद DMK संगठन में बड़े बदलाव करेगी। पदों पर उम्र और कार्यकाल की सीमा तय होगी। संगठनात्मक जिले 78 से बढ़कर 110 होंगे।
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भारत

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Rahul Yadav

Aug 22, 2026

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पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (फाइल फोटो - आईएएनएस)

DMK Organizational Changes: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने अपने संगठन में बड़े बदलाव का खाका तैयार किया है। शनिवार को चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में DMK की कार्यकारिणी की बैठक हुई। पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन में बड़े बदलाव से जुड़े 9 अहम प्रस्ताव पास किए गए।

स्टालिन ने माना कि चुनाव में पार्टी की हार के पीछे कई वजहें थीं और पार्टी पदाधिकारियों का कामकाज भी उनमें से एक था। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी गलतियों को खुले तौर पर स्वीकार करना होगा और संगठन में तेजी से सुधार करने होंगे।

बदलाव सख्त होंगे, कुछ लोगों को मुश्किल लगेंगे

बैठक को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में कई बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि ये बदलाव सख्त होंगे और कुछ लोगों के लिए इन्हें स्वीकार करना मुश्किल भी हो सकता है।

स्टालिन ने कहा कि पार्टी के अलग-अलग संगठनात्मक पदों की जिम्मेदारियों के हिसाब से उम्र सीमा और कार्यकाल तय किए जाएंगे। साथ ही संगठन में नए लोगों को ज्यादा जिम्मेदारियां दी जाएंगी।

हर पद पर अधिकतम दो कार्यकाल

DMK के नए संगठनात्मक खाके के तहत पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों के लिए दो कार्यकाल की सीमा तय की गई है। इसके साथ पदों के लिए उम्र सीमा भी लागू की जाएगी। पार्टी का मकसद संगठन में लंबे समय से पद संभाल रहे नेताओं के साथ-साथ नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका देना है।

संगठनात्मक जिले 78 से बढ़कर 110 होंगे

DMK ने अपने संगठनात्मक जिलों की संख्या बढ़ाने का भी फैसला किया है। अब पार्टी के 78 की जगह 110 संगठनात्मक जिले होंगे। इन नए जिलों में आम तौर पर दो विधानसभा क्षेत्र शामिल होंगे। इससे पार्टी का स्थानीय संगठन मजबूत करने और कामकाज बेहतर करने में मदद मिलेगी। स्टालिन जब 110 नए संगठनात्मक जिलों के नक्शे जारी करेंगे, उसके बाद सभी जिला कार्यकारिणियों को 15 दिनों के अंदर बैठक करके नई व्यवस्था लागू करनी होगी।

बड़े शहरों में सिटी सेक्रेटरी का पद खत्म

DMK ने बड़े शहरी इलाकों के संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किया है। कोयंबटूर और तांबरम जैसे प्रमुख शहरों में अलग से मौजूद सिटी सेक्रेटरी का पद खत्म कर दिया गया है। अब शहरी इलाकों का संगठन वोटर संख्या के आधार पर नए सिरे से तैयार किया जाएगा।
चेन्नई कॉरपोरेशन क्षेत्र की समितियों में औसतन 40 हजार मतदाता, जबकि दूसरे नगर निगम क्षेत्रों में औसतन 30 हजार मतदाता होंगे।

नए लोगों को मिलेगी ज्यादा जिम्मेदारी

स्टालिन ने कहा कि पार्टी संगठन में नए लोगों को ज्यादा जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इसके लिए जल्द ही नया सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सदस्यता प्रक्रिया ईमानदार और वास्तविक होनी चाहिए। इसके बाद पार्टी के सभी स्तरों पर आंतरिक चुनाव कराए जाएंगे ताकि योग्य नए पदाधिकारी सामने आ सकें। स्टालिन ने कहा कि नियुक्ति के बजाय चुनाव के जरिए चुने गए पदाधिकारी बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं।

गलतियां छिपाने की जरूरत नहीं

स्टालिन ने कहा कि पार्टी को अपनी गलतियों को छिपाने की जरूरत नहीं है। अगर गलती किसी एक व्यक्ति की है तब भी उसका असर पूरी पार्टी पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि DMK करीब 75 साल पुरानी पार्टी है और किसी एक पदाधिकारी की गलती का नुकसान पूरे संगठन को उठाना पड़ता है। स्टालिन ने कहा कि दोबारा राजनीतिक सफलता हासिल करने के लिए पार्टी का पुनर्गठन जरूरी है और संगठनात्मक सुधारों को जल्द से जल्द लागू करना होगा।

पार्टी प्रमुख ने कहा कि केवल संगठनात्मक ढांचे में बदलाव से काम नहीं चलेगा। इसके लिए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मानसिकता में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अगर फिर से चुनावी सफलता हासिल करनी है तो उसे बदलाव के लिए तैयार रहना होगा।

चुनावी हार के बाद संगठन में बड़ा बदलाव

DMK को अप्रैल में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी एक कार्यकाल के बाद सत्ता से बाहर हो गई। इसके बाद संगठन की कार्यप्रणाली और पदाधिकारियों की भूमिका की समीक्षा शुरू हुई। अब पार्टी ने उम्र सीमा, दो कार्यकाल की सीमा, नए संगठनात्मक जिलों और नए लोगों को जिम्मेदारी देने जैसे फैसलों के जरिए संगठन को नए सिरे से तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।