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सीट शेयरिंग को लेकर DMK ने इंडिया गठबंधन के सहयोगियों को दी डेडलाइन, ‘कल तक फैसला ले लें…’

Tamil Nadu Assembly elections: DMK ने सीट शेयरिंग को लेकर अपने सहयोगी दलों को अल्टीमेटम दे दिया है। स्टालिन की पार्टी ने कहा कि वे सोमवार 23 मार्च तक प्रस्तावित सीट बंटवारे के फार्मूले को स्वीकार करें। पढ़ें पूरी खबर...

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MK STalin

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (Photo - IANS)

Tamil Nadu Assembly elections: तमिलनाडु सहित पांच राज्यों में चुनाव का ऐलान हो गया है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी और 4 मई को नतीजे आएंगे। इसी के साथ ही, NDA व इंडिया गठबंधन के भीतर पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा भी चल रही है। इंडिया गठबंधन के भीतर सबकुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है।

23 मार्च तक सीट बंटवारे पर प्रस्तावित फैसला स्वीकार करें

DMK के नेता व राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने सहयोगी दलों के सामने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कह दिया है कि वे सोमवार 23 मार्च तक प्रस्तावित सीट बंटवारे के फार्मूले को स्वीकार करें। वरना चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में देरी हो सकती है।

कई दौर की मीटिंग के बावजूद नहीं बनी सहमति

चेन्नई के सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि इंडिया गठबंधन के नेताओं के बीच कई दौर की बैठकों के बावजूद सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बन पाई है। विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), सीपीआई (एम), और देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके)-डीएमके के प्रस्तावित सीटों के आंकड़े पर सहमत नहीं हुए हैं। इस असहमति ने गठबंधन के भीतर असहज स्थिति पैदा कर दी है।

VCK ने सीट बंटवारे पर जताई नाराजगी

वीसीके इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा मुखर नजर आ रही है। पार्टी प्रमुख थोल तिरुमावलवन ने एक वीडियो संदेश जारी कर सीटों के कम आवंटन पर नाराजगी जाहिर की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पर्दे के पीछे बातचीत अभी भी जारी है और किसी समझौते की संभावना बनी हुई है।

CPM भी DMK के सीट शेयरिंग फॉर्मूले से खुश नहीं

वहीं, सीपीआई(एम) भी इस मामले में गंभीरता से विचार कर रही है। पार्टी नेतृत्व ने कई उच्चस्तरीय बैठकों में डीएमके के प्रस्ताव पर चर्चा की है। बताया जा रहा है कि उन्हें जितनी सीटों की उम्मीद थी, प्रस्ताव उससे कम है। फिलहाल पार्टी ने अपनी अंतिम राय डीएमके को नहीं बताई है। दूसरी ओर, हाल ही में गठबंधन में शामिल हुई डीएमडीके का कहना है कि बातचीत अभी जारी है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, सीटों की संख्या और क्षेत्र का बंटवारा तभी तय होगा, जब दोनों पक्षों के बीच सहमति बन जाएगी।

इसी बीच कमल हासन की पार्टी मक्कल नीधि मय्यम (एमएनएम) ने डीएमके के चुनाव चिह्न पर लड़ने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह अपने 'टॉर्च लाइट' चुनाव चिन्ह के साथ ही मैदान में उतरेगी। इस पर डीएमके नेतृत्व अभी विचार कर रहा है।