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मंदिरों में भक्तों के लिए ड्रेस कोड लागू, केवल इस ड्रेस में मिलेगी एंट्री

मंदिर प्रबंधन एक ड्रेस कोड लागू कर रहा है। जिसके बाद भक्तों को केवल इस ड्रेस में ही मंदिरों में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी।

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अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा होगा। पीएम नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। बड़ी-बड़ी हस्तियों को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। साथ में उन लोगों को भी याद किया जा रहा है जिन्होंने इस मंदिर बनाने के लिए संघर्ष किया। मन्दिर ट्रस्ट, योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार इस कार्यक्रम को खास बनाने के लिए अप्रतिम प्रयास कर रही है। प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केवल चार लोग मौजूद होंगे। जिनमें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, आरएसएस सर संघचालक मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मंदिर के मुख्य आचार्य शामिल हैं। इसी बीच बेंगलुरु में मंदिर प्रबंधन बुधवार से एक ड्रेस कोड लागू कर रहा है। जिसके बाद भक्तों को केवल भारतीय पारंपरिक ड्रेस में ही मंदिरों में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी।

सख्त नियम लागू करने को कहा

कर्नाटक देवस्थान महासंघ और हिंदू जनजागृति समिति इस संबंध में मंदिरों के सामने बोर्ड लगाएगी और बुधवार से इस संबंध में सख्त नियम लागू करने को कहा है। ड्रेस कोड के अनुसार, पुरुषों को शॉर्ट्स, बरमूडा, फटी जींस, सीना दिखाने वाली टी-शर्ट पहनने की अनुमति नहीं है। वहीं, महिलाओं को शॉर्ट्स, मिडी, फटी जींस में मंदिरों के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।

बोर्ड ने श्रद्धालुओं से यह भी अपील की है कि वे अशोभनीय, अश्लील पोशाक पहनकर मंदिरों में प्रवेश न करें। इसमें यह भी कहा गया है कि मंदिर की पवित्रता की रक्षा करना परम धार्मिक कर्तव्य है। कर्नाटक मंदिर-मठ और धार्मिक संस्थान संघ ने पिछले महीने सभी मंदिरों के पुजारियों और ट्रस्टियों की बैठक बुलाई थी और जनवरी में नियम लागू करने का फैसला किया था।

अभियान चलाया जाएगा

पहले अपील की गई थी और हिंदू संगठनों ने फैसले का समर्थन किया था। बेंगलुरु के वसंत नगर में श्री लक्ष्मी वेंकटरमण मंदिर के सामने इस संबंध में एक बोर्ड लगाकर मंदिरों के लिए ड्रेस कोड अभियान भी चलाया जाएगा।

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