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असम में 51 सीटों पर चुनाव लड़ेगी TMC, क्या खेला कर पाएगी ममता की पार्टी?

चुनाव आयोग ने 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद TMC ने असम की 51 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। असम में TMC क्या कुछ खास कमाल दिखाएगी, आइए समझते हैं...

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Bengal Politics, West Bengal Assembly Election 2026, Congress to contest alone in Bengal,

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Photo-IANS)

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पद्दुचेरी के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई है। चुनावी रण की ऐलान होने के साथ ही सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। BJP ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। BJP की पहली लिस्ट में 144 उम्मीदवारों के नाम हैं। वहीं, दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने असम में 51 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

TMC नेताओं ने ममता बनर्जी को भेजा प्रस्ताव

TMC सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि हमारी पार्टी असम में चुनाव लड़ेगी। हमने 51 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भेजा है। सुष्मिता देव ने कहा- हम समझते हैं कि अगर असम को बचाना है तो भाजपा को सत्ता से हटाना होगा। हम असम में चुनाव लड़ेंगे। हम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लग जाएगी। हम बहुत गंभीरता से इस पर विचार कर रहे हैं, जिससे हमारे फैसले से भाजपा को कोई फायदा न पहुंच जाए।

असम में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी TMC

TMC सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं। TMC के जिला अध्यक्षों ने 51 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव पार्टी नेतृत्व को भेजा है। सुष्मिता देव ने जोर देकर कहा कि हमारी पार्टी असम में अकेले चुनाव लड़ेगी, कांग्रेस के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं होगा। हमारा उद्देश्य असम में सरकार बनाना नहीं, विपक्ष की मजबूत जगह बनाना और वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा के खिलाफ बढ़ती असंतुष्टि को देखते हुए TMC एक विश्वसनीय विपक्षी ताकत बन सकती है। बता दें कि असम में NDA सत्ता में है।

असम का चुनावी गणित

असम में NDA सत्ता में है और कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल है। असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 10 सालों से सत्ता से बाहर है। राज्य के मुस्लिम बहुल इलाकों में कांग्रेस के सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं है। इसीलिए पार्टी अहोम समुदाय को साधने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की विरासत और उनके बेटे गौरव गोगोई के चेहरे पर दांव लगा रही है। असम में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने चुनाव से ठीक पहले बीजेपी का दामन थाम लिया है। इधर, असम में TMC की एंट्री से विपक्षी वोटों का बंटवारा हो सकता है। TMC की यह रणनीति भाजपा के लिए चुनौती पेश कर सकती है। हालांकि, ममता बनर्जी की पार्टी असम की सत्ता के इर्द-गिर्द भी नजर नहीं आ रही है।

क्या कहते हैं ओपिनियन पोल?

चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद सर्वे एजेंसी Matrize-IANS ने ओपिनियन पोल जारी कर दिया है। ओपिनियन पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में एक बार फिर TMC की सरकार बन सकती है, जबकि असम में BJP की सरकार बनी रहने का अनुमान है। इसके अलावा तमिलनाडु की 231 सीटों में से सर्वे में DMK और उसकी सहयोगी पार्टियों को 104 से 114 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, AIADMK-BJP गठबंधन को 114 से 127 सीटें मिल सकती हैं। केरल में लेफ्ट और कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है।