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‘शासन ऊपर से नीचे तक सड़ा हुआ है…’, बंगाल चुनाव से पहले CPI(M) नेता का बड़ा हमला

West Bengal Election 2026 से पहले CPI(M) नेता मोहम्मद सलीम ने राज्य की शासन व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। वहीं BJP नेता तापस रॉय ने चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने की मांग की है।

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भारत

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Rahul Yadav

Mar 16, 2026

West Bengal Election 2026

West Bengal Election 2026 | सीपीआई(एम) नेता मोहम्मद सलीम का बंगाल चुनाव से पहले सरकार पर तीखा बयान।

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच सीपीआई(एम) नेता मोहम्मद सलीम ने राज्य की शासन व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सिस्टम पूरी तरह से सड़ चुका है और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना जरूरी है।

कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान सीपीआई(एम) नेता मोहम्मद सलीम ने कहा कि केवल अधिकारियों के तबादले करने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरशाही नहीं चाहती कि जनता को उनके अधिकार मिलें।

सलीम ने कहा, ''लोकतंत्र अधिकारियों के ट्रांसफर से मजबूत नहीं होता। नौकरशाही नहीं चाहती कि जनता को अधिकार मिलें। शासन व्यवस्था ऊपर से लेकर नीचे तक सड़ी हुई है।''

उन्होंने आगे कहा कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए उन अधिकारियों और लोगों को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखना चाहिए जो केंद्र या राज्य सरकार के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।

चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

सीपीआई(एम) नेता ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो। अगर प्रशासनिक तंत्र निष्पक्ष तरीके से काम नहीं करता, तो इसका सीधा असर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ता है।

बीजेपी नेता ने भी दी प्रतिक्रिया

वहीं इस मुद्दे पर बीजेपी नेता तापस रॉय ने कहा कि चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई थी।

तापस रॉय ने कहा, ''आज एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। टीएमसी को जो कहना था उन्होंने कहा और हमें जो कहना था हमने कहा। हम चाहते हैं कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष हों।''

बंगाल में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दल लगातार राज्य सरकार और प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सत्ताधारी दल इन आरोपों को निराधार बता रहा है।