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घंटों तक दुर्घटनाग्रस्त ट्रक में फंसा मदद की गुहार लगाता रहा ड्राइवर, प्रशासन की लापरवाही से हुई मौत

त्रिपुरा के खोवाई जिले के चकमाघाट में एक ट्रक दुर्घटना का शिकार हो गया और उसका चालक घंटों तक उसके मलबे के नीचे फंसा मदद की गुहार लगाता रहा। लगभग 7-8 घंटों तक उसे रेस्क्यू नहीं किया गया जिसके चलते उसकी मृत्यु हो गई।

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भारत

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Himadri Joshi

Aug 06, 2025

Tripura road accident

घंटों तक दुर्घटनाग्रस्त ट्रक में फंसा रहा ड्राइवर ( फोटो - एक्स पोस्ट )

त्रिपुरा के खोवाई जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना का खुलासा हुआ है। यहां प्रशासन की लापरवाही के चलते एक ट्रक चालक की मृत्यु हो गई है। मामला जिले के तेलियामुरा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले चकमाघाट इलाके का है। यहां एक ट्रक सड़क दुर्घटनाग्रस्त की चपेट में आ गया था जिसके चलते उसका ड्राइवर लंबे समय तक ट्रक के मलबे के नीचे दबा रहा। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक में फंसा ड्राइवर घंटों तक मदद के लिए गुहार लगाता रहा लेकिन बचाव कार्य में लगातार देरी होती रही जिसके चलते उसकी मृत्यु हो गई।

मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे हुई घटना

मृतक चालक की पहचान मिहिर लाल देबनाथ के तौर पर की गई है। घटना मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे चकमघाट के पास से निकलने वाले नेशनल हाईवे पर हुई। यहां धर्मनगर से अगरतला जा रहा एक सीमेंट से लदा ट्रक पलट गया और उसका आगे का हिस्सा चालक देबनाथ के ऊपर गिर गया। ट्रक के मलबे के निचे फंसा देबनाथ लगातार मदद के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन घंटों तक बचाव कार्य शुरु नहीं हुआ।

नहीं चली आपदा प्रबंधन टीम की मशीन

पहले एक छोटी आपदा प्रबंधन टीम दुर्घटना स्थल पर पहुंची लेकिन उनके पास बस एक लोहा काटने वाली मशीन थी जो चल नहीं पाई। इसके बाद दूसरी टीम को बुलाया गया जिसके चलते काफी देरी हुई। तेलियामुरा अनुमंडल प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगभग सात आठ घंटों तक देबनाथ को बाहर नहीं निकाल पाए। आपदा प्रबंधन विभाग के पास ऐसी आपात स्थितियों के लिए टैक्स के पैसे से खरीदे गए संसाधन मौजूद है लेकिन इसके बावजूद वह देबनाथ को बचाने में असफल रहे।

सुबह 9:40 बजे निकाला देबनाथ का शव

साथ ही संबंधित मंडल वाणिज्य प्रबंधक को भी घटनास्थल पर पहुंचने में लगभग सात घंटे लगा दिए जिसने इस परिस्थिती को और बिगाड़ दिया। दुर्घटना के सात - आठ घंटे बाद लगभग सुबह 9:40 बजे जब मलबा पूरी तरह हटाया गया तब तक देबनाथ की मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद देबनाथ के शव को तेलियामुरा सब-डिविजनल अस्पताल ले जाया गया।

प्रशासन की लापरवाही को बताया जिम्मेदार

इस घटना ने त्रिपुरा के आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल उठाए खड़े कर दिए है। इसे लेकर जनता में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और इसने आपदा से निपटने की राज्य की तैयारियों पर नए सिरे से चिंताएं पैदा कर दी हैं। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है और उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही को देबनाथ की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।