13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Earthquake: भारत के पड़ोस में भूकंप के तेज झटके, कश्मीर से दिल्ली तक हिल गई धरती

भूकंप के तेज झटके न केवल अफगानिस्तान, बल्कि भारत, पाकिस्तान, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, चीन और किर्गिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Anish Shekhar

Apr 16, 2025

बुधवार की सुबह भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान में 6.4 तीव्रता के भूकंप ने हिंदू कुश क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (ईएमएससी) के अनुसार, भूकंप का केंद्र 121 किलोमीटर की गहराई पर था, जिसके तेज झटके न केवल अफगानिस्तान, बल्कि भारत, पाकिस्तान, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, चीन और किर्गिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए। भारत में कश्मीर से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक धरती कांप उठी, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों, दफ्तरों और इमारतों से बाहर खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े।

भूकंप के चलते दिल्ली में भी दहशत

भूकंप के झटके सुबह करीब 4:44 बजे (IST) महसूस किए गए, जो कई सेकंड तक जारी रहे। दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में लोगों ने फर्नीचर, पंखे और अन्य सामान के हिलने की घटनाओं को बताया। नोएडा के एक निवासी ने कहा, "मैं सुबह सो रहा था, तभी अचानक बिस्तर हिलने लगा। डर के मारे हम परिवार सहित बाहर भागे।" दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी की रहने वाली राधिका ने बताया, "झटके इतने तेज थे कि टीवी और सोफा हिल रहे थे। मैंने तुरंत बच्चों को उठाया और बाहर की ओर दौड़ी।"

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भूकंप से संबंधित पोस्ट्स की बाढ़ आ गई। लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा, "दिल्ली में सुबह-सुबह भूकंप के झटके! डर तो लगा, लेकिन शुक्र है कोई नुकसान नहीं हुआ।" एक अन्य यूजर ने कश्मीर से पोस्ट किया, "सुबह की शांति को भूकंप ने तोड़ दिया। धरती कांप रही थी, सब बाहर भागे।" इन पोस्ट्स में भूकंप की तीव्रता को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए गए, कुछ ने इसे 5.5 तो कुछ ने 6.9 तीव्रता का बताया, हालांकि आधिकारिक तौर पर ईएमएससी ने 6.4 तीव्रता की पुष्टि की।

यह बी पढ़ें: वक्फ कानून पर तिलमिलाए पाकिस्तान को भारत का करारा जवाब, फिर नहीं उठाएगा सवाल!

हिंदू कुश में क्यों आते हैं भूकंप?

अफगानिस्तान, जो भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन पर स्थित है, भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र है। हिंदू कुश क्षेत्र में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, और इस बार भी इसका असर व्यापक रहा। भारत में राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने पुष्टि की कि झटके अफगानिस्तान के फैजाबाद से 106 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित थे। हालांकि, गहराई अधिक होने के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान की संभावना कम रही। अभी तक भारत, अफगानिस्तान या अन्य प्रभावित क्षेत्रों से जानमाल के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

भारत में भूकंप के बड़े खतरे

भारत, जो भूकंपीय जोन IV और V में आता है, खासकर हिमालयी क्षेत्रों में, बार-बार ऐसी प्राकृतिक घटनाओं का सामना करता रहता है। इस घटना ने एक बार फिर लोगों को भूकंपरोधी इमारतों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की अहमियत याद दिलाई।