12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी, महाराष्ट्र, दिल्ली समेत 13 जगहों पर एक साथ ED की छापेमारी, संदेशखाली में भी सुबह-सुबह पहुंची टीम

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति से संबंधित चल रहे रेत खनन मामले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली में 13 स्थानों पर छापेमारी की। तलाशी में उत्तर प्रदेश के लखनऊ, अमेठी में गायत्री प्रजापति, उनकी पत्नी और बेटों के आवास शामिल थे। छापेमारी के लिए टीमें सुबह करीब 6.30 बजे संदेशखाली पहुंची हैं। 

2 min read
Google source verification
ED raids simultaneously at 13 places including UP, Maharashtra and Delhi

यूपी, महाराष्ट्र, दिल्ली समेत 13 जगहों पर एक साथ ED की छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति से संबंधित चल रहे रेत खनन मामले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली में 13 स्थानों पर छापेमारी की। तलाशी में उत्तर प्रदेश के लखनऊ, अमेठी में गायत्री प्रजापति, उनकी पत्नी और बेटों के आवास शामिल थे। प्रवर्तन निदेशालय ने आज तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों के खिलाफ जमीन हड़पने के आरोप में पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में कई स्थानों पर छापेमारी की।

क्या था मामला

आरोपों में अवैध रेत खनन और आय से अधिक संपत्ति रखने समेत अन्य आरोप शामिल हैं। जनवरी में ईडी ने प्रजापति, उनके परिवार और सहयोगियों के मुंबई के चार फ्लैट और लखनऊ में कई भूमि पार्सल जब्त कर लिए, जिनकी कुल कीमत 13 करोड़ रुपये से अधिक थी। यह कार्रवाई ईडी द्वारा की गई तलाशी के बाद की गई। ईडी के अनुसार उत्तर प्रदेश के खनन मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, प्रजापति ने परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के नाम पर अपनी वैध आय से अधिक महत्वपूर्ण संपत्ति अर्जित करने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। ये संपत्तियां उनकी आय के ज्ञात स्रोतों के अनुरूप नहीं थीं।

हमले के बाद से फरार था शाहजहां

ED ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के राशन वितरण घोटाले में 10 हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इस मामले में ईडी ने सबसे पहले बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को गिरफ्तार किया था। बाद में TMC नेता शाहजहां शेख और बनगांव नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन शंकर आद्या की भी संलिप्तता सामने आई थी। इसी मामले में 5 जनवरी को ईडी टीम जब शाहजहां शेख के आवास पर छापा मारने पहुंची तो वहां कुछ लोगों ने ईडी अधिकारियों पर हमला कर दिया था। इसके बाद शाहजहां शेख फरार हो गया था, बाद में इसे गिरफ्तार कर लिया था। बता दें कि उच्च न्यायालय ने माना कि उसके आदेश पर रोक नहीं लगाई गई है और बंगाल पुलिस को शाहजहाँ को सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया।

ये भी पढ़ें:Lok Sabha Elections 2024: बीजेपी की नई लिस्ट से मोदी-शाह के राज्य में हड़कंप, केंद्रीय मंत्री समेत 4 सांसदों का पत्ता साफ