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I-PAC पर ED का शिकंजा: ममता के करीबी विनेश चंदेल गिरफ्तार, 50 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

I-PAC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने विनेश चंदेल को गिरफ्तार कर 10 दिन की हिरासत में भेजा है। 50 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन और हवाला नेटवर्क के आरोपों से सियासत गरमा गई है।

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I-PAC Raid Case

I-PAC Raid Case (Image Source: Gemini)

Coal Smuggling Case: राजनीतिक परामर्श फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। यह मामला कथित कोयला तस्करी से जुड़े अवैध धन के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी कड़ी में ED ने कंपनी के निदेशक और सह संस्थापक विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया है।

50 करोड़ की अवैध कमाई

ED के अनुसार, अब तक की जांच में करीब 50 करोड़ रुपये की अवैध कमाई सामने आई, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई। चंदेल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की ED हिरासत में भेज दिया गया।

मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी लोन का खुलासा

इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। एजेंसी का दावा है कि I-PAC ने कथित रूप से अपराध की कमाई को कई स्तरों के जरिए घुमाकर वैध रूप देने की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक, जांच में फर्जी बिल और चालान, बिना किसी व्यावसायिक आधार के असुरक्षित लोन, और तीसरे पक्ष के जरिए धन प्राप्त करने जैसे कई तरीके सामने आए हैं। इसके अलावा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क के जरिए नकदी के लेन-देन का भी आरोप लगाया गया है। ED का कहना है कि तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं एजेंसी के अनुसार, निदेशक के तौर पर वे इन गतिविधियों के लिए जिम्मेदार हैं, चाहे वह सहमति, मिलीभगत या लापरवाही के कारण ही क्यों न हो।

आयकर का मामला, PMLA का नहीं

विनेश चंदेल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने अदालत में इन आरोपों को “राजनीति से प्रेरित” बताया। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल ने जांच में पूरा सहयोग किया है और उन पर लगाए गए आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है। पाहवा ने यह भी तर्क दिया कि कथित बेहिसाब लेन-देन आयकर कानून के दायरे में आता है, न कि PMLA के तहत। उन्होंने IPC की धाराओं 420, 120b और 477a को लागू करने पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह केवल PMLA के तहत मामले को अनुसूचित अपराध में लाने का प्रयास है।”

राजनीतिक कनेक्शन और बढ़ती सियासत

I-PAC की स्थापना चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने की थी और यह फर्म विभिन्न चुनावों में राजनीतिक दलों को रणनीतिक सलाह देती रही है। वर्तमान में यह पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव अभियान से भी जुड़ी बताई जा रही है। विनेश चंदेल को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है, जिससे इस मामले के राजनीतिक मायने और भी बढ़ गए हैं। आने वाले दिनों में यह जांच और तेज हो सकती है और इससे चुनावी माहौल पर भी असर पड़ सकता है।