7 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विकास के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा भी जरुरी, सीजेआइ सूर्यकांत ने कहा- हर परियोजना को संदेह की नजर से न देखें अदालतें

सीजेआइ सूर्यकांत ने कहा कि ‘ग्रीन जज’ कहे जाने वाले जस्टिस कुलदीप सिंह की पर्यावरण संबंधी न्यायिक दृष्टि आज भी मार्गदर्शक है। 1980-90 के दशक में जब देश तेज औद्योगिकीकरण के दौर में था, तब उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि विकास नदियों, जंगलों और हवा की कीमत पर न हो।

less than 1 minute read
Google source verification

भारत

image

Anurag Animesh

Mar 08, 2026

CJI Surya Kant

CJI Surya Kant

सीजेआइ सूर्यकांत ने कहा है कि न्यायपालिका को पर्यावरण संरक्षण में संवैधानिक प्रहरी की भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन वैध विकास आकांक्षाओं में बाधा नहीं बनना चाहिए। वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस कुलदीप सिंह की स्मृति में नवीनीकृत पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया। सीजेआइ ने कहा कि अब वह दौर नहीं रहा जब पर्यावरण और विकास में से किसी एक को चुनना पड़े। आज वही विकास स्वीकार्य है जो पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार हो। अदालतें न तो हर परियोजना को संदेह की नजर से देखें और न ही पर्यावरणीय सुरक्षा को नजरअंदाज करें। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी जिसमें विकास की योजना बनाते समय ही पर्यावरणीय सुरक्षा को शामिल किया जाए।

जस्टिस कुलदीप सिंह की विरासत से सीख


सीजेआइ सूर्यकांत ने कहा कि ‘ग्रीन जज’ कहे जाने वाले जस्टिस कुलदीप सिंह की पर्यावरण संबंधी न्यायिक दृष्टि आज भी मार्गदर्शक है। 1980-90 के दशक में जब देश तेज औद्योगिकीकरण के दौर में था, तब उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि विकास नदियों, जंगलों और हवा की कीमत पर न हो। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और आकांक्षाओं के बीच सीमित प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए न्यायालयों को संतुलित संवैधानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा।

चंडीगढ़ इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर की शुरुआत


सीजेआइ सूर्यकांत ने चंडीगढ़ में चंडीगढ़ इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (सीआइएसी) का भी शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम 7 से 11 मार्च तक आयोजित इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूट्स वीक के दौरान हुआ। उन्होंने कहा कि भारत को केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार के लिए भरोसेमंद विवाद समाधान केंद्र भी बनना होगा। सीआइएसी को निष्पक्षता, दक्षता और मजबूत प्रक्रियात्मक व्यवस्था का उदाहरण बनना चाहिए।