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बिहार पुलिस SHO पर EOU की बड़ी कार्रवाई, 1 करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्ति का खुलासा

बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने किशनगंज सदर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन के ठिकानों पर छापेमारी कर आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच शुरू की है।

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पटना

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Devika Chatraj

Apr 15, 2026

बिहार SHO पर बड़ी कार्रवाई (X)

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने किशनगंज सदर थाना के थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन के खिलाफ बड़ी छापेमारी की है। मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे पटना, छपरा और किशनगंज समेत पांच ठिकानों पर एक साथ की गई इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

जांच में चौकाने वाले खुलासे

EOU की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अधिकारी की वैध आय और उनकी कुल संपत्ति के बीच भारी अंतर पाया गया है। जांच के अनुसार, उनकी आय की तुलना में करीब 118.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की गई, जिसे अवैध माना जा रहा है।

कमाई और संपत्ति में अंतर

अभिषेक कुमार रंजन वर्ष 2009 में बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में भर्ती हुए थे और 2023 में इंस्पेक्टर बने। लंबे सेवा काल के दौरान उन्होंने कई अहम जिलों में काम किया, लेकिन इसी अवधि में उनकी संपत्ति तेजी से बढ़ती गई।

1.70 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध

EOU की रिपोर्ट के मुताबिक उनकी कुल वैध आय लगभग 1.47 करोड़ रुपये रही, जबकि उनकी संपत्ति 2.09 करोड़ रुपये से अधिक पाई गई। सभी खर्चों को जोड़ने और घटाने के बाद भी लगभग 1.70 करोड़ रुपये की संपत्ति को अवैध माना जा रहा है।

पटना में 4 मंजिला मकान से लेकर सिलीगुड़ी तक निवेश

छापेमारी में कई महंगी और संदिग्ध संपत्तियां सामने आई हैं। पटना के रामकृष्ण नगर में उनका 2200 वर्ग फीट में फैला चार मंजिला आलीशान मकान मिला है, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा छपरा में 30 लाख रुपये का मकान और पैतृक गांव में 50 लाख रुपये का निर्माणाधीन घर भी जांच के दायरे में है। सिलीगुड़ी के दार्जिलिंग रोड पर 6 कट्ठा जमीन पर भी भारी निवेश की जानकारी सामने आई है, जिसके लिए बड़ी मात्रा में नकद भुगतान किए जाने का आरोप है।

लग्जरी लाइफस्टाइल ने बढ़ाए सवाल

जांच में यह भी सामने आया है कि अधिकारी की जीवनशैली उनकी सरकारी आय से कहीं ज्यादा भव्य थी। मुंबई यात्रा के दौरान वे परिवार सहित 5 स्टार होटल ताज में 15 दिनों तक रुके थे। महंगे मोबाइल, लग्जरी सामान और बच्चों की महंगी शिक्षा पर भी लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे आय और खर्च के बीच असंतुलन और स्पष्ट हो जाता है।

सिंडिकेट से कनेक्शन

EOU को यह भी शक है कि उनका संपर्क जमीन कारोबार और अवैध सिंडिकेट से जुड़ा रहा है। जांच में सिलीगुड़ी में फ्लैट, कई ट्रकों की खरीद और मुजफ्फरपुर में करोड़ों रुपये के निवेश की जानकारी भी सामने आई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी बेनामी संपत्ति 20 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। इसके अलावा किशनगंज में तैनाती के दौरान बालू, शराब और तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों को संरक्षण देने और अवैध उगाही के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

मामले की जांच जारी

फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई की टीम डीएसपी सुनील कुमार के नेतृत्व में जांच को आगे बढ़ा रही है। बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।