
EC ने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट को बताया भ्रामक (Photo-IANS)
Fact Check: वोट चोरी के आरोपों और विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासत थमने का नाम ही नहीं ले रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर विपक्ष के नेताओं के हवाले से वोटर लिस्ट में हेरफेर को लेकर दावा किया जा रहा है। वहीं विदेशी मीडिया में भी मतदान में हेराफरी का दावा किया था। इस पर चुनाव आयोग ने फैक्ट किया है। ECI के फैक्ट चेक में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट को भ्रामक बताया गया है।
दरअसल, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में ‘मतदान में हेराफेरी का दावा करते हुए विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों भारतीय सांसदों को हिरासत में लिया गया’ की बात बताई गई थी। इस रिपोर्ट में सोमवार को विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन की फोटो भी थी। वहीं चुनाव आयोग ने इसका फैक्ट कर इसको भ्रामक बताया।
चुनाव आयोग ने बिहार में जारी एसआईआर की सच्चाई दिखाने के लिए वीडियो के लिंक भी साझा किए। इस वीडियो में कांग्रेस, राजद और वामपंथी दलों के प्रतिनिधियों के बयान शामिल है।
ईसी ने कहा कि बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया की पारदर्शिता और सभी राजनीतिक दलों की भागीदारी को उजागर किया है। कुछ तथ्य इसकी सत्यता को प्रमाणित करते हैं, जिनमें ईसीआई द्वारा एसआईआर के वास्तविक आदेश को लेकर सभी राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी और ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले और बाद की बैठकें शामिल हैं।
बता दें कि सोमवार को वोट चोरी के आरोपों और एसआईआर को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो सांसदों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने राहुल-प्रियंका समेत विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया।
दरअसल, SIR पर संसद से लेकर सड़क तक विपक्षी सांसदों का संग्राम जारी है। एसआईआर को लेकर विपक्ष संसद में बहस की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार इस पर राजी नहीं है, जिसकों लेकर लगातार संसद की कार्यवाही स्थगित हो रही है। इसके अलावा बिहार विधानसभा में भी एसआईआर को लेकर जमकर हंगामा हो रहा है।
Updated on:
12 Aug 2025 07:01 pm
Published on:
12 Aug 2025 07:01 pm
