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दिल्ली में फर्जी अंतरराष्ट्रीय वीजा रैकेट का भंडाफोड़, वकील सहित तीन लोग गिरफ्तार

Fake Visa Racket : दिल्ली पुलिस ने तीन एजेंटों की गिरफ्तारी करते हुए फर्जी अंतरराष्ट्रीय वीजा के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार वकील और ट्रैवल एजेंसी की आड़ में फर्जी वीजा के रैकेट चल रहे थे।

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Fake Visa Racket : दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एक साल से ज्यादा की तलाश के बाद हरियाणा और दिल्ली से तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में वकील और ट्रैवल एजेंसी की आड़ में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय वीजा के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों की पहचान जनकपुरी निवासी 32 वर्षीय उदित मोघा, 25 वर्षीय लाडपुर निवासी सागर डबास और हरियाणा के जिला कैथल निवासी 45 वर्षीय केवल सिंह रूप में हुई। तीनों आरोपी एक सिंडिकेट से जुड़े हुए थे जो विदेशों के अप्रूव्ड पासपोर्ट अैर वीजा की पेशकश कर लोगों को निशाना बना रहे थे।


काफी समय से चल रही थी तलाश

पुलिस के अनुसार लंबे समय से इनकी तलाश कर रही थी। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी तब हुई जब 2022 में तीन भारतीय नागरिक गुरमीत सिंह, साहिल कुमार और विक्रम सिंह एक फ्लाइट से इस्तांबुल से आईजीआई हवाईअड्डे पहुंचे। इसके बाद मामले की जांच जांच शुरू हुई।

इस्तांबुल में नकली वीजा के कारण पकड़े गए

पुलिस उपायुक्त (आईजीआई एयरपोर्ट) उषा रंगनानी ने बताया कि उनकी यात्रा दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि ये लोग फर्जी वीजा से विदेश की यात्रा पर निकले थे। पुलिस उपायुक्त के अनुसार, पैक्स गुरप्रीत 7 नवंबर, 2022 को आईजीआई हवाई अड्डे से रवाना हुआ, पैक्स साहिल 16 नवंबर, 2022 को जयपुर से रवाना हुआ और विक्रम भी 14 नवंबर, 2022 को जयपुर से रवाना हुआ। सभी अजरबैजान जा रहे थे। वहां से वे 18 नवंबर, 2022 को इस्तांबुल पहुंचे जहां नकली गुयाना वीजा के आधार पर उन्हें प्रवेश से रोका गया।

20 लाख में हुई थी डील
इसके बाद जांच में साहिल ने खुलासा किया कि वह आजीविका कमाने के लिए विदेश जाना चाहता था और उसकी यात्रा की व्यवस्था एजेंट केवल सिंह और उसके सहयोगी एजेंटों उदित मोगा और सागर डबास ने 20 लाख रुपए में की है। इसमें से दो लाख रुपए उन्हें दिए गए थे। शेष राशि का भुगतान गुयाना पहुंचने के बाद किया जाएगा। दिल्ली पुलिस को जानकारी मिलने के बाद जांच में जुट गई।

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