
Sharda Sinha Death: छठ पर्व के दौरान अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए मशहूर लोक कलाकार शारदा सिन्हा का 72 साल की उम्र में नई दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। वह 2018 से मल्टीपल मायलोमा नामक ब्लड कैंसर से जूझ रही थीं। सोमवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख जताते हुए लिखा कि सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनके गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से बेहद लोकप्रिय रहे हैं। आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज भी सदैव बनी रहेगी। उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति! पीएम मोदी ने इससे पहले सुबह शारदा सिन्हा के बेटे से फोन पर बात कर उनका स्वास्थ्य का अपडेट भी लिया था।
शारदा का जन्म 1 अक्टूबर, 1952 को बिहार के सुपौल जिले के हुलास में हुआ था। बिहार की कोयल यानी 'बिहार कोकिला' के नाम से मशहूर शारदा ने मैथिली लोकगीत गाकर अपनी संगीत यात्रा शुरू की थी। इलाहाबाद में प्रयाग संगीत समिति द्वारा आयोजित बसंत महोत्सव में उन्होंने वसंत के आगमन का जश्न मनाते हुए लोकगीत गाकर दर्शकों का मन मोह लिया। शारदा सिन्हा छठ पूजा के दौरान भी एक प्रमुख कलाकार रही हैं, जहाँ उनके गीत उत्सव का एक अभिन्न अंग बन गए हैं।
भोजपुरी, मैथिली, मगही और हिंदी में गायन के लिए जानी जाने वाली शारदा के गीत अपने गृह राज्य की परंपराओं में गहराई से निहित रहते हुए विविध श्रोताओं तक पहुँचे।
Updated on:
05 Nov 2024 11:13 pm
Published on:
05 Nov 2024 11:02 pm
